बलरामपुर : बलरामपुर जिले में एक बार फिर मानवता को झकझोर देने वाली घटना सामने आई है। वाड्रफनगर पुलिस चौकी क्षेत्र के कोटराही गांव में झाड़ियों के बीच एक नवजात बच्ची जीवित अवस्था में मिली। इस घटना ने पूरे इलाके में सनसनी फैला दी है और लोगों को सोचने पर मजबूर कर दिया है। जानकारी के अनुसार, कुछ महिलाएं महुआ चुनने के लिए जंगल की ओर गई थीं। इसी दौरान उन्हें झाड़ियों के बीच से रोने की आवाज सुनाई दी। जब महिलाएं पास पहुंचीं तो देखा कि एक नवजात बच्ची वहां पड़ी हुई है और लगातार रो रही है।
बच्ची की हालत बेहद नाजुक थी, क्योंकि उसके शरीर पर चीटियों ने हमला कर रखा था। महिलाओं ने बिना देर किए बच्ची को सुरक्षित बाहर निकाला और तत्काल चाइल्डलाइन को इसकी सूचना दी। चाइल्डलाइन की टीम ने तुरंत सक्रियता दिखाते हुए स्थानीय पुलिस को मामले की जानकारी दी। इसके बाद पुलिस मौके पर पहुंची और बच्ची को प्राथमिक उपचार के लिए अस्पताल पहुंचाया गया। डॉक्टरों ने बच्ची की हालत को देखते हुए उसे बेहतर इलाज के लिए अंबिकापुर रेफर कर दिया है। फिलहाल बच्ची का इलाज जारी है और उसकी स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है।
यह घटना कई गंभीर सवाल खड़े करती है, खासकर उस अमानवीय कृत्य को लेकर जिसमें किसी ने नवजात को इस तरह झाड़ियों में छोड़ दिया। यदि समय रहते महिलाओं को बच्ची की आवाज नहीं सुनाई देती, तो उसकी जान भी जा सकती थी। पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच शुरू कर दी है। आसपास के क्षेत्रों में पूछताछ की जा रही है और यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि आखिर बच्ची को इस हाल में वहां किसने और क्यों छोड़ा। पुलिस का कहना है कि दोषी व्यक्ति की पहचान कर उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।






















