बेमेतरा : अंतर्जातीय विवाह प्रोत्साहन योजना के तहत मिलने वाली सरकारी सहायता राशि के बदले रिश्वत मांगने का गंभीर मामला सामने आया है। एक अंतर्जातीय विवाह करने वाले दंपति ने आरोप लगाया है कि प्रोत्साहन राशि जारी करने के नाम पर अपर कलेक्टर न्यायालय में पदस्थ एक बाबू ने उनसे 70 हजार रुपये की मांग की। दंपति की शिकायत के बाद मामला प्रशासनिक स्तर पर गंभीरता से लिया गया है। बेमेतरा कलेक्टर प्रतिष्ठा ममगाईं ने पूरे प्रकरण की जांच के लिए चार सदस्यीय जांच समिति का गठन कर दिया है।
समिति को आरोपों की निष्पक्ष जांच कर रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं। जानकारी के अनुसार, दंपति ने प्रशासन को दिए गए आवेदन में आरोप लगाया है कि अंतर्जातीय विवाह प्रोत्साहन योजना का लाभ दिलाने के लिए संबंधित कर्मचारी द्वारा अवैध रूप से राशि की मांग की गई। शिकायत सामने आने के बाद जिला प्रशासन हरकत में आया और तत्काल जांच के आदेश जारी किए गए। कलेक्टर ने केवल मौजूदा शिकायत की जांच तक ही सीमित न रहते हुए जिले में बीते एक वर्ष के दौरान हुए सभी अंतर्जातीय विवाह प्रकरणों की भी समीक्षा करने के निर्देश दिए हैं।
जांच टीम यह भी पता लगाएगी कि पात्र हितग्राहियों को योजना का लाभ नियमानुसार मिला या नहीं तथा कहीं अन्य मामलों में भी अनियमितता तो नहीं हुई है। प्रशासनिक सूत्रों के अनुसार, जांच रिपोर्ट मिलने के बाद यदि आरोप सही पाए जाते हैं तो संबंधित कर्मचारी के खिलाफ विभागीय और कानूनी कार्रवाई की जाएगी। इस मामले के सामने आने के बाद अंतर्जातीय विवाह प्रोत्साहन योजना की पारदर्शिता और क्रियान्वयन को लेकर भी सवाल उठने लगे हैं। फिलहाल पूरे मामले की जांच जारी है और जिला प्रशासन की नजर इस पर बनी हुई है।























