बलौदाबाजार : मंत्री टंकराम वर्मा के भतीजे कृष्णा वर्मा उर्फ़ राजा वर्मा पर पेट्रोल पंप सुपरवाइजर से मारपीट, लूट और धमकी देने का आरोप लगा है। पीड़ित का कहना है कि पुलिस ने एफआईआर में लूट की धारा नहीं जोड़ी और अपराध की जानकारी भी अधिकृत वेबसाइट से हटा दी। मंत्री ने कहा कि उन्हें मामले की जानकारी नहीं है, जबकि कांग्रेस का आरोप है कि पुलिस मंत्री के दबाव में काम कर रही है।
दरअसल शनिवार रात एक पेट्रोल पंप सुपरवाइजर के साथ मंत्री टंकराम वर्मा के भतीजे कृष्णा वर्मा उर्फ़ राजा वर्मा और उसके साथियों ने कथित तौर पर मारपीट की। पीड़ित के अनुसार, मंत्री के भतीजे ने “चाचा हमारे मंत्री हैं” कहकर धौंस जमाई और करीब 15–20 लोगों के साथ पेट्रोल पंप के पास स्थित ढाबे में बुलाकर हमला किया। पीड़ित ने आरोप लगाया कि मारपीट के दौरान उसका मोबाइल फोन और नकदी भी छीन ली गई।
हालांकि, दर्ज की गई एफआईआर में पुलिस ने लूट की धारा शामिल नहीं की। इसके अलावा, पीड़ित का कहना है कि घटना में बड़ी संख्या में लोग शामिल थे, लेकिन पुलिस ने केवल 3 आरोपियों को गिरफ्तार किया, बाकी पर कार्रवाई नहीं हुई।पीड़ित ने यह भी कहा कि पुलिस की आधिकारिक वेबसाइट पर अपराध क्रमांक 756 को प्रदर्शित नहीं किया जा रहा है। इससे यह संदेह और गहरा हो गया है कि मामले की पूरी सच्चाई को दबाया जा रहा है।
मंत्री का बयान
मामले पर प्रतिक्रिया देते हुए मंत्री टंकराम वर्मा ने कहा,
“मुझे इस घटना की जानकारी नहीं है। कानून अपने स्थान पर सर्वोपरि है, और कानून से बड़ा कोई नहीं है। मैं राजनीति में जितना हूं, उससे अधिक एक धार्मिक व्यक्ति हूं, और गलत काम करने वालों को न तो संरक्षण देता हूं और न समर्थन।”
मंत्री ने यह भी कहा कि यदि उनका भतीजा दोषी है, तो कानून अपना काम करेगा।
कांग्रेस का पलटवार
मंत्री के बयान के बाद कांग्रेस के वरिष्ठ नेता शैलेश नितिन ने कहा कि मंत्री ने “भतीजा है या नहीं” के सवाल पर स्पष्ट जवाब देने से बचकर मामले को टालने का प्रयास किया। उन्होंने आरोप लगाया कि पुलिस अधिकारी भी इस मामले में सच्चाई सामने आने से रोक रहे हैं।
“पुलिस मंत्री के दबाव में काम कर रही है, और इसीलिए सही धाराएं नहीं जोड़ी गईं और केस की जानकारी तक छिपाई जा रही है।” — शैलेश नितिन
मामले में पुलिस ने 3 आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है, लेकिन बाकी आरोपियों की तलाश जारी है। वहीं, एफआईआर में लूट की धारा जोड़ने और अपराध क्रमांक को सार्वजनिक करने की मांग तेज हो गई है। कांग्रेस का कहना है कि यह केवल एक मारपीट का मामला नहीं, बल्कि सत्ता के दबाव में पुलिसिया कार्रवाई को प्रभावित करने का गंभीर उदाहरण है।
वहीं मंत्री टंकराम वर्मा के भतीजे के मारपीट वाले मामले में पीड़ित का फोटो पोस्ट कर INC CHHATISGARH ने भी भाजपा पर निशाना साधा है। पोस्ट कर लिखा अगला नंबर आपका हो सकता है। मंत्री के भतीजे ने पेट्रोल पंप सुपरवाइजर को पीटा। सुप्रीम कोर्ट आवारा पशुओं को लेकर चिंता रख कर ली है दूसरी तरफ भाजपा शासन छत्तीसगढ़ में आदमखोर हो चुके हैं भाजपाइयों को काबू किए जाने कोई ठोस पहल करने की आवश्यकता है।






















