बलौदाबाजार : छत्तीसगढ़ में कानून की रक्षा की शपथ लेने वाला एक आरक्षक खुद साइबर ठगी का मास्टरमाइंड निकला। आरक्षक हेमंत नायक को बलौदाबाजार पुलिस ने करीब 2 करोड़ 50 लाख रुपए की ठगी के सनसनीखेज मामले में सारंगढ़ से गिरफ्तार किया है।
इस पूरे मामले की चौंकाने वाली बात यह है कि आरोपी ने बलौदाबाजार के पुलिस अधीक्षक (SP) के नाम से फर्जी ईमेल आईडी बनाई थी। इसके ज़रिए वह बिजनेसमैन, बिल्डरों और अन्य धनाढ्य लोगों के बैंक खातों की जानकारी जुटाकर उन्हें फ्रिज (जप्त) करवा देता था, फिर खुद को SP बताकर उनसे संपर्क करता और खाता अनफ्रिज कराने के बदले मोटी रकम की वसूली करता था।
बलौदाबाजार एसपी के निर्देश पर गठित स्पेशल टीम ने जब इस फर्जीवाड़े की तह तक पहुंचना शुरू किया, तो कई म्यूल अकाउंट और ट्रांजेक्शन की कड़ियां खुलती गईं। आखिरकार साइबर अपराध की गुत्थी सुलझाते हुए टीम ने आरोपी हेमंत नायक को सारंगढ़ से धर दबोचा।जांच में सामने आया कि आरक्षक हेमंत नायक ने कई अलग-अलग म्यूल अकाउंट (धोखाधड़ी में इस्तेमाल होने वाले खातों) के जरिए रकम ट्रांसफर कर अपने पूरे नेटवर्क को सक्रिय रखा था।
एक पुलिसकर्मी द्वारा इस तरह का अपराध करना न सिर्फ कानून व्यवस्था के लिए शर्मनाक है, बल्कि समाज में पुलिस पर भरोसे को भी चोट पहुंचाने वाला है। अब तक की जांच में यह भी सामने आया है कि हेमंत नायक को तकनीकी जानकारी और बैंकिंग सिस्टम की गहरी समझ थी, जिसका इस्तेमाल उसने बेहद शातिर तरीके से ठगी के लिए किया।
पुलिस के उच्चाधिकारियों ने पुष्टि की है कि आरोपी से पूछताछ जारी है, और यह पता लगाने की कोशिश हो रही है कि उसके साथ इस नेटवर्क में और कौन-कौन शामिल हैं।माना जा रहा है कि आने वाले दिनों में इस मामले में और भी बड़े नामों का खुलासा हो सकता है, क्योंकि अब तक की जांच में धोखाधड़ी की रकम और दायरा दोनों बेहद गंभीर नजर आ रहे हैं।फिलहाल आरोपी को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है, और आगे की कार्रवाई बलौदाबाजार पुलिस की साइबर शाखा द्वारा की जा रही है।






















