एमसीबी : छत्तीसगढ़ के मनेन्द्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर (एमसीबी) जिले में भ्रष्टाचार के खिलाफ बड़ी कार्रवाई सामने आई है। मनेन्द्रगढ़ नगर पालिका परिषद में पदस्थ मुख्य नगर पालिका अधिकारी (सीएमओ) और प्रभारी लेखापाल को एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) की टीम ने रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया है। इस कार्रवाई के बाद पूरे नगर पालिका तंत्र में हड़कंप मच गया है। प्राप्त जानकारी के अनुसार, आमाखेरवा निवासी चन्द्रमणी वर्मा ने एसीबी अम्बिकापुर में शिकायत दर्ज कराई थी।
उन्होंने बताया कि वे “साई कन्स्ट्रक्शन एण्ड सप्लायर” नाम से फर्म संचालित करते हैं और नगर पालिका परिषद मनेन्द्रगढ़ में विभिन्न निर्माण कार्य कर चुके हैं। इनमें वार्ड क्रमांक 11 में रिटर्निंग वॉल निर्माण और वार्ड क्रमांक 8 में सीसी सड़क निर्माण शामिल है। शिकायतकर्ता के अनुसार, इन कार्यों के एवज में उन्हें लगभग 5.90 लाख रुपये का भुगतान मिलना था। लेकिन इस राशि के भुगतान के बदले नगर पालिका के सीएमओ मो. इशहाक खान और प्रभारी लेखापाल सुशील कुमार द्वारा 9 प्रतिशत कमीशन की मांग की जा रही थी, जो करीब 53 हजार रुपये बनती है।
आरोप है कि जब शिकायतकर्ता ने पहले बिल के भुगतान पर कमीशन नहीं दिया, तो आरोपियों ने न केवल उसका भुगतान रोक दिया, बल्कि भविष्य के बिलों का भुगतान भी रोकने की धमकी दी। इससे परेशान होकर चन्द्रमणी वर्मा ने एसीबी से संपर्क किया और पूरे मामले की शिकायत की। शिकायत मिलने के बाद एंटी करप्शन ब्यूरो की टीम ने मामले का सत्यापन किया। जांच के दौरान यह सामने आया कि प्रभारी लेखापाल सुशील कुमार पहले ही शिकायतकर्ता से 20 हजार रुपये रिश्वत के रूप में ले चुका था।
इसके बाद एसीबी ने आरोपियों को रंगे हाथों पकड़ने के लिए जाल बिछाया। 23 मार्च 2026 को एसीबी की टीम ने योजनाबद्ध तरीके से ट्रैप ऑपरेशन आयोजित किया। इस दौरान जैसे ही शिकायतकर्ता ने शेष 33 हजार रुपये की राशि सीएमओ मो. इशहाक खान और सुशील कुमार को सौंपी, टीम ने तुरंत कार्रवाई करते हुए दोनों को रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तारी के बाद दोनों आरोपियों को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है।
एसीबी अधिकारियों का कहना है कि मामले में भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम 1988 (संशोधित 2018) की धारा 7 और 12 के तहत प्रकरण दर्ज कर आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है। इस कार्रवाई के बाद नगर पालिका परिषद मनेन्द्रगढ़ सहित पूरे जिले में हड़कंप मच गया है। सरकारी कार्यालयों में इस घटना को लेकर चर्चा का माहौल है और कर्मचारियों के बीच डर का माहौल भी देखा जा रहा है।






















