नई दिल्ली : केंद्रीय वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण बजट पेश कर रही है। फाइनेंस मिनिस्टर निर्मला सीतारमण ने ऐलान करते हुए बताया है कि, उनकी सरकार देश और लोगों के चौतरफा विकास के लिए प्रतिबद्ध है। देश को आईटी सेक्टर में और आगे ले जाने के लिए सीतारमण ने सेमिकंडक्टर के क्षेत्र में आईपी डिजाइन के लिए ISM 2.0 के शुभारम्भ करने की बात कही है। बता दें कि, यह करीब 40 करोड़ रुपये का प्रस्ताव है।
केंद्रीय बजट 2026-27 पेश करते हुए अपने भाषण में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा, हम इंडिया सेमीकंडक्टर मिशन 2.0 की शुरुआत करेंगे। इसके साथ ही उद्योग-नेतृत्व वाले रिसर्च और ट्रेनिंग सेंटरों पर फोकस किया जाएगा, ताकि तकनीक आधारित और कुशल वर्कफोर्स तैयार की जा सके। वित्त मंत्री ने वैश्विक हालात पर बात करते हुए कहा, आज हम ऐसे बाहरी माहौल का सामना कर रहे हैं, जहां व्यापार और बहुपक्षवाद दबाव में हैं और संसाधनों तक पहुंच तथा सप्लाई चेन बाधित हैं.
नई तकनीकें उत्पादन प्रणालियों को बदल रही हैं, वहीं पानी, ऊर्जा और महत्वपूर्ण खनिजों की मांग तेजी से बढ़ रही है। भारत विकसित भारत की दिशा में आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ता रहेगा, जहां महत्वाकांक्षा और समावेशन के बीच संतुलन होगा। बढ़ती अर्थव्यवस्था और व्यापार व पूंजी की जरूरतों के साथ भारत को वैश्विक बाजारों से गहराई से जुड़ा रहना होगा, ज्यादा निर्यात करना होगा और स्थिर दीर्घकालिक निवेश आकर्षित करना होगा।
तीन राज्यों में खनन गलियारे का ऐलान
इसी तरह वित्तमंत्री ने बड़ा करते हुए देश के तीन राज्य छत्तीसगढ़, ओडिशा और केरल को बड़ी सौगात दी है। वित्तमंत्री ने इन तीनो ही राज्यों के लिए खनन गलियारे का ऐलान किया है। बायो-फार्मा सेक्टर के लिए बड़ा एलान करते हुए वित्त मंत्री ने कहा, भारत को वैश्विक बायो-फार्मा मैन्युफैक्चरिंग हब के रूप में विकसित करने के लिए मैं ‘बायो फार्मा शक्ति’ योजना का प्रस्ताव रखती हूं। इसके लिए अगले 5 वर्षों में 10,000 करोड़ रुपये का प्रावधान किया जाएगा। इससे बायोलॉजिक्स और बायोसिमिलर के घरेलू उत्पादन के लिए मजबूत इकोसिस्टम तैयार होगा।
आर्थिक विकास को गति देने के लिए छह प्रमुख क्षेत्रों में हस्तक्षेप का प्रस्ताव रखते हुए निर्मला सीतारमण ने कहा, तेजी और स्थिर आर्थिक वृद्धि के लिए हम छह क्षेत्रों पर फोकस करेंगे। 7 रणनीतिक क्षेत्रों में मैन्युफैक्चरिंग का विस्तार, परंपरागत औद्योगिक क्षेत्रों का पुनर्जीवन, चैंपियन MSMEs का निर्माण, इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत बढ़ावा, दीर्घकालिक सुरक्षा और स्थिरता सुनिश्चित करना, सिटी इकोनॉमिक रीजन का विकास है।
9वीं बार पेश कर रही है केंद्रीय बजट
बता दें कि, देश की वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण आज लोकसभा में अपना लगातार नौवां केंद्रीय बजट पेश कर रही हैं। इस तरह उन्होंने पूर्व वित्त मंत्री पी चिदंबरम के रिकॉर्ड की बराबरी कर ली है जबकि प्रणब मुखर्जी के रिकॉर्ड को पीछे छोड़ दिया है। फिलहाल स्वतंत्र भारत में सबसे अधिक 10 बार केंद्रीय बजट पेश करने का रिकॉर्ड पूर्व प्रधानमंत्री मोरारजी देसाई के नाम है। सीतारमण वर्ष 2026-27 के लिए भारत सरकार की अनुमानित प्राप्तियों और व्यय का विवरण प्रस्तुत करने जा रही है।
वित्त मंत्री राजकोषीय उत्तरदायित्व और बजट प्रबंधन (एफआरबीएम) अधिनियम, 2003 की धारा 3(1) के तहत दो बयान भी प्रस्तुत करेंगे। इनमें मध्यम अवधि की राजकोषीय नीति-सह-राजकोषीय नीति रणनीति वक्तव्य और मैक्रो-आर्थिक ढांचा वक्तव्य शामिल हैं। कार्यसूची में आगे कहा गया है कि सीतारमण लोकसभा में वित्त विधेयक, 2026 पेश करने की अनुमति मांगेगी। वह औपचारिक रूप से विधेयक पेश भी करेंगी। वित्त विधेयक सरकार के वित्तीय प्रस्तावों को कानूनी रूप देता है। वित्त मंत्री सीतारमण लगातार नौवीं बार भारत का केंद्रीय बजट पेश करने जा रही हैं।






















