रायपुर : राजधानी में हुई कलेक्टर-एसपी कॉन्फ्रेंस के दौरान मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कानून-व्यवस्था, प्रशासनिक तालमेल और धर्मांतरण जैसी संवेदनशील गतिविधियों को लेकर अधिकारियों को कड़े शब्दों में फटकार लगाई। सीएम साय ने मंच से साफ कहा कि “अगर कलेक्टर और एसपी के बीच तालमेल नहीं होगा, तो बलौदाबाजार जैसी घटनाएं बार-बार होंगी। प्रशासन को जनता की सुरक्षा सुनिश्चित करनी ही होगी।”बैठक में मंच पर मुख्यमंत्री के साथ मुख्य सचिव विकास शील, डीजीपी अरुणदेव गौतम, गृहमंत्री विजय शर्मा, और एसीएस होम मनोज पिंगुआ भी मौजूद थे।
धर्मांतरण और चंगाई सभाओं पर रोक के निर्देश
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि प्रदेश के कई हिस्सों में लगातार धर्मांतरण की घटनाएं और चंगाई सभाओं के आयोजन की शिकायतें मिल रही हैं। उन्होंने कहा कि प्रशासन को ऐसे आयोजनों पर तत्काल रोक लगाने की जरूरत है।साय ने साफ निर्देश दिए— “धर्मांतरण की कोशिशें प्रदेश की सामाजिक समरसता को तोड़ने का प्रयास हैं। जिला प्रशासन और पुलिस इसे गंभीरता से लें और सख्त कार्रवाई करें।”सीएम ने सरगुजा जिले का जिक्र करते हुए नाराजगी जताई कि “धर्मांतरण और बांग्लादेशी घुसपैठ” से जुड़ा एक भी केस दर्ज क्यों नहीं हुआ। उन्होंने कहा कि यदि इस तरह की गतिविधियां अनदेखी होती रहीं, तो राज्य में कानून व्यवस्था की स्थिति खराब हो जाएगी।
कोरबा, राजनांदगांव और धमतरी के एसपी पर सख्त नाराजगी
बैठक में मुख्यमंत्री ने चार जिलों के एसपी — कोरबा, राजनांदगांव और धमतरी, महासमुंद — की कार्यप्रणाली पर सीधा सवाल उठाया।कोरबा जिले में हाल ही में हुए खदान मर्डर केस और फ्लोरामैक्स प्रकरण का उल्लेख करते हुए साय ने कहा कि ऐसी घटनाएं पुलिस की लापरवाही का परिणाम हैं। उन्होंने कहा— “एसपी के जूतों की धमक शहर में सुनाई देनी चाहिए। अपराधियों में पुलिस का खौफ होना चाहिए, ना कि जनता में डर।” सीएम ने चेतावनी दी कि छोटे अपराधों को नजरअंदाज करना भविष्य में बड़े अपराधों को जन्म देता है। उन्होंने कहा कि “छोटे अपराधों पर तत्काल कार्रवाई होनी चाहिए, तभी समाज में शांति बनी रहेगी।”
सीएम का दो टूक संदेश
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने अधिकारियों को सख्त चेतावनी दी—“अगर पुलिस और प्रशासन में तालमेल नहीं होगा, तो आने वाले समय में गंभीर परिणाम देखने को मिलेंगे। जनता की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है। सभी जिलों के कलेक्टर-एसपी अपने दायित्व को समझें और अपनी कार्यप्रणाली में सुधार लाएं।”बैठक के अंत में सीएम ने साफ कहा कि कानून व्यवस्था और सामाजिक सौहार्द पर किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।






















