जयपुर : खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति मंत्री सुमित गोदारा ने शुक्रवार को राजसमंद कलेक्ट्रेट में विभागीय अधिकारियों की बैठक ली तथा राशन आवंटन, वितरण, उचित मूल्य की दुकानों की कार्यप्रणाली व निगरानी, गिव अप अभियान की प्रगति की समीक्षा की।
बैठक के बाद पत्रकारों से बातचीत में गोदारा ने बताया कि मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में राज्य सरकार ने सक्षम एवं अपात्र लोगों को एनएफएसए (खाद्य सुरक्षा) से बाहर करने के लिए ‘गिव अप अभियान’ शुरू किया था जिसमें उल्लेखनीय प्रगति प्राप्त हुई है। अभियान के तहत प्रदेश में 38 लाख से अधिक अपात्र लोगों ने स्वेच्छा से खाद्य सुरक्षा का त्याग किया है।
“गिव अप अभियान” के तहत राजसमंद जिले में 81,696 व्यक्तियों ने स्वेच्छा से खाद्य सुरक्षा का त्याग किया है, वहीं ई-केवाईसी नहीं होने के कारण विभाग द्वारा 69,666 व्यक्तियों के नाम हटाए गए हैं। इस प्रकार कुल 1,51,362 अपात्र व्यक्तियों को खाद्य सुरक्षा सूची से बाहर किया गया है ताकि निर्धन, पात्र और जरूरतमंद परिवारों को योजनाओं का वास्तविक लाभ मिल सके।
उन्होंने बताया कि जिले में इस प्रक्रिया के अंतर्गत 94,428 नवीन पात्र व्यक्तियों को खाद्य सुरक्षा से जोड़ा गया है, वहीं प्रदेश में 66 लाख नवीन व्यक्तियों को जोड़ा गया है। ये नवीन पंजीकृत व्यक्ति अब रियायती दरों पर गेस सिलेंडर, निशुल्क उपचार सहित अन्य कई योजनाओं का लाभ ले सकेंगे। साथ ही मुख्यमंत्री दुर्घटना बीमा योजना में पाँच लाख रुपए का सुरक्षा कवच मिलेगा।
खाद्य मंत्री गोदारा ने राजसमंद जिले की प्रगति की मुक्तकंठ से सराहना की और विभागीय योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। इस अवसर पर विधायक हरि सिंह रावत, जगदीश पालीवाल, जिला कलक्टर अरुण कुमार हसीजा, जिला रसद अधिकारी विजय सिंह सहित जिले में कार्यरत खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग के समस्त अधिकारी उपस्थित रहे।






















