गरियाबंद : देवभोग ब्लॉक के डोगरीगुड़ा से स्वास्थ्य व्यवस्था पर सवाल खड़े करने वाली तस्वीरें सामने आई हैं। तस्वीरों में एक बुजुर्ग को जानवर की तरह लेटाकर झोला छाप डॉक्टर टेकराम साहू द्वारा इंजेक्शन लगाया जा रहा है, जबकि एक मरीज को स्लाइन चढ़ाई जा रही है।
स्थानीय लोगों के अनुसार, तस्वीरों में दिखाई दे रहे लोगों की पहचान टेकराम साहू, सुरेंद्र यादव निवासी दरलीपारा और प्रेम नागेश निवासी करलाकोट के रूप में बताई जा रही है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि टेकराम साहू, सुरेंद्र यादव और प्रेम नागेश झोला छाप डॉक्टर हैं। हालांकि, इनकी चिकित्सकीय योग्यता और पंजीयन की पुष्टि स्वास्थ्य विभाग से होना बाकी है।
स्थानीय लोगों का आरोप है कि स्वास्थ्य विभाग से कथित मिलीभगत के कारण ऐसे लोगों पर कार्रवाई नहीं हो रही है। अब सवाल है – क्या स्वास्थ्य विभाग पूरे मामले की जांच करेगा? क्या मरीजों का इलाज करने वालों के पास वैध चिकित्सकीय योग्यता और अनुमति है? और अगर नियमों का उल्लंघन मिला तो क्या कार्रवाई होगी।











































