भुवनेश्वर : आंध्र प्रदेश में कोरोना संक्रमण से दो लोगों की मौत के बाद पड़ोसी राज्य ओडिशा ने एहतियात के तौर पर सतर्कता बढ़ा दी है। राज्य सरकार ने निगरानी और कोविड जांच तेज करने के साथ सभी सरकारी और निजी अस्पतालों को अलर्ट रहने के निर्देश दिए हैं। हालांकि, राहत की बात यह है कि ओडिशा में फिलहाल कोरोना का कोई सक्रिय मामला सामने नहीं आया है।
स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों के अनुसार आंध्र प्रदेश में बढ़ते मामलों और दोनों राज्यों के बीच लोगों की आवाजाही को देखते हुए संक्रमण की स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है। अब तक ओडिशा में लिए गए सभी सैंपलों की रिपोर्ट निगेटिव आई है। आंध्र प्रदेश के कडप्पा जिले में हाल के दिनों में कोरोना के कई नए मामले सामने आए हैं। 9 जुलाई को एक 46 वर्षीय कोरोना संक्रमित व्यक्ति की मौत हो गई थी। इसके अलावा एक अन्य मरीज की भी संक्रमण से मौत होने की जानकारी सामने आई है।
इसके बाद वहां रैपिड रिस्पॉन्स टीमें तैनात कर दी गई हैं और अस्पतालों को आइसोलेशन वार्ड तैयार रखने के निर्देश दिए गए हैं। इधर, ओडिशा सरकार ने सभी अस्पतालों से कहा है कि गंभीर सांस संबंधी बीमारी (SARI) वाले प्रत्येक मरीज का कोरोना टेस्ट अनिवार्य रूप से किया जाए। वहीं, फ्लू जैसे लक्षण (ILI) वाले प्रत्येक 100 मरीजों में कम से कम पांच की कोविड जांच की जाएगी। किसी मरीज की रिपोर्ट पॉजिटिव आने पर उसके सैंपल को जीनोम सीक्वेंसिंग के लिए भेजा जाएगा, ताकि संक्रमण के वैरिएंट की पहचान की जा सके।
स्वास्थ्य विभाग ने सभी जिलों को जांच, निगरानी और रिपोर्टिंग में किसी भी प्रकार की लापरवाही नहीं बरतने के निर्देश दिए हैं। साथ ही जरूरत पड़ने पर आइसोलेशन की व्यवस्था सुनिश्चित करने और संदिग्ध मरीजों पर विशेष नजर रखने को कहा गया है। विभाग ने लोगों से अपील की है कि वे घबराएं नहीं, बल्कि सतर्क रहें। बुखार, खांसी, गले में खराश या सांस लेने में तकलीफ होने पर तुरंत चिकित्सक से संपर्क करें। नियमित रूप से हाथ धोने और साफ-सफाई बनाए रखने की भी सलाह दी गई है।
























