दुर्ग : दुर्ग जिले से एक बड़ी खबर सामने आ रही है। यहां हनुमंत कथा के दौरान एक महिला ने अपने हाथ की नस की काट ली। बताया जा रहा है कि युवती पंडित धीरेंद्र शास्त्री से मिलना चाहती थी, लेकिन मुलाकात नहीं हो पाने पर उसने नस काटने की कोशिश की।
पंडित धीरेंद्र शास्त्री से मिलना चाहती थी युवती
दरअसल, भिलाई के जयंती स्टेडियम में पंडित धीरेंद्र शास्त्री की हनुमंत कथा चल रहा है। इसी दौरान एक युवती भी कथा सुनने के लिए आई हुई थी। तभी वो पंडित धीरेंद्र शास्त्री से मिलना चाहती थी, लेकिन मुलाकात नहीं होने की वजह से युवती ने अपने हाथ की नस काट ली।
पंडित शास्त्री ने की अपील
घटना की जानकारी मिलते ही मंच से पंडित शास्त्री ने सभी भक्तों से भावुक अपील की कि कोई भी इस तरह का कदम न उठाए। उन्होंने कहा कि वे किसी की व्यक्तिगत पूजा नहीं, बल्कि भगवान हनुमान की पूजा और कथा के लिए आए हैं।
थोड़ी देर पहले ही हुआ था ये हादसा
आपको बता दें कि इससे पहले पं. धीरेंद्र शास्त्री की कारकेड के सामने एक व्यक्ति आ गया। जिससे अचानक ब्रेक मारने से पीछे की गई गाड़ियां अपास में टकरा गई। हालंकि इस हादसे में गाड़ी में बैठे धीरेंद्र शास्त्री, राष्ट्रीय उपाध्यक्ष भाजपा सरोज पाण्डेय समेत सभी लोग सुरक्षित है। हादसे के बाद पंडित शास्त्री ने भक्तों से अपील की कि इस तरह की जल्दबाज़ी या जोखिम भरे काम न करें।
कथा का आखिरी दिन आज
भिलाई में आज पंडित धीरेन्द्र कृष्ण शास्त्री की दिव्य हनुमंत कथा का समापन हुआ। पांच दिनों तक चलने वाली इस कथा में कथावाचक पंडित धीरेन्द्र शास्त्री ने हनुमान चालीसा की चौपाईयों के जरिए हनुमान जी के चरित्र को बताया। कथा के आखिरी दिन जहां उन्होंने भिलाई को नशामुक्त करने का संकल्प दिलाया। उन्होंने कहा कि सभी अपने बच्चों को वेद और शास्त्री की शिक्षा दें, क्योंकि अगर अभी उन्हें वेद नहीं पढ़ाया गया तो तीन चार पीढ़ी बाद उनके घऱ् से जावेद और नावेद निकलेंगे।
इतना ही नहीं उन्होंने कहा कि ग्रंथ औऱ् संत जीवन बदल देते हैं, इसलिए उनका सानिध्य जरूरी है। वही उन्होंने मंच से फिर एक बार बिना किसी का नाम लिए कहा कि वे भिलाई के लिए जिनके साथ हेलीकाप्टर में आए थे और आज वापस भी उनके साथ ही जाएंगे।






















