रायपुर : छत्तीसगढ़ सरकार ने आबकारी नीति में बदलाव करते हुए शुष्क दिवस के दिनों को कम कर दिया है। इस तरह अब सरकार ने होली के दिन भी शराब दुकानें रखने का का फैसला लिया है। यह पहला मौका होगा जब रंगों के पर्व के दिन शराब दुकानों के बाहर भीड़ नजर आएगी।
आबकारी मंत्री का बड़ा बयान
हालांकि इस फैसले पर प्रदेश के आबकारी मंत्री ने बयान देते हुए कहा है कि, आबकारी नीति के तहत साल में 4 दिन शराब दुकानें बंद रखने का प्रावधान है। इसके अलावा कलेक्टर को भी वर्ष में 3 दिन दुकानें बंद रखने का अधिकार दिया गया है। मंत्री ने स्पष्ट किया कि कलेक्टर अपने विवेक के अनुसार दुकान बंद कराने का निर्णय ले सकते हैं। यदि कलेक्टर को लगता है कि होली के दिन शराब दुकानें बंद रखी जानी चाहिए, तो वे इस संबंध में आदेश जारी कर सकते हैं।
फैसले से विपक्ष हमलावर
सरकार के इस फैसले पर जहां आम जनमानस में मिली जुली प्रतिक्रिया है तो वही मुख्य विपक्षी दल कांग्रेस ने सरकार पर जोरदार हमला बोला है। छग प्रदेश कांग्रेस कमेटी के प्रमुख दीपका बैज ने कहा कि, सरकार के पास सरकार चलाने पैसे नहीं है। यही वजह है कि, बिजली, जमीन, दारु सबके रेट बढ़ाए गए है। उन्होंने तंज भरे लहजे में कहा कि, फिर भी पैसे नहीं आए तो ड्राइ डे के दिन दुकान खोल रहे। पूर्व संसद ने दावा किया कि, होली के दिन दुकान खुलने से अपराध बढ़ेंगे। यह सरकार की विफलता है।
सरकार ने लिया दुकान खोलने का फैसला
गौरतलब हैं कि, छत्तीसगढ़ के शराब प्रेमियों को इस बार होली में शराब के लिए ज्यादा मशक्कत नहीं करनी पड़ेगी। इस बार होली में शराब की सभी दुकानें खुली रहेंगी। दरअसल, साय सरकार ने नई आबकारी नीति में पहले निर्धारित सात ड्राई डे में से तीन दिन समाप्त कर दी हैं। इनमें होली, मुहर्रम, महात्मा गांधी निर्वाण दिवस (30 जनवरी) भी शामिल है। इन तीन दिनों पर अब राज्य में शराब बिक्री पर प्रतिबंध नहीं रहेगा। बाकी ड्राई डे पहले की तरह ही लागू रहेंगे।
बता दें कि अब तक प्रदेश में होली के साथ-साथ 7 शुष्क दिवस रहता था। शराब की दुकानें पूरी तरह बंद रखी जाती थी। इतना ही नहीं, होली की पहले शाम पुलिस जगह-जगह चेकिंग करती थी, लेकिन इस बार ऐसा नहीं होने वाला है। नए नीति के अनुसार साल 2026-27 में सिर्फ 4 दिन ड्राई डे घोषित किए गए हैं। इनमें 26 जनवरी गणतंत्र दिवस, 15 अगस्त स्वतंत्रता दिवस, 2 अक्टूबर गांधी जयंती और 18 दिसंबर गुरु घासी दास जयंती शामिल हैं। हालांकि कलेक्टरों को यह अधिकार दिया गया है कि वे अपने विवेक के अनुसार शराब दुकानों को लेकर फैसला ले सकते हैं।
30 जनवरी को खुली थी शराब की दुकानें
छत्तीसगढ़ में 30 जनवरी को महात्मा गांधी की पुण्यतिथि पर शराब दुकानें खुली रहने के विरोध में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने प्रदर्शन किया था। कांग्रेसियों ने प्रदेश के अलग-अलग शहर की शराब दुकान के सामने भाजपा सरकार के खिलाफ नारेबाजी की और नियमों में तत्काल बदलाव की मांग की थी। प्रदर्शनकारियों का कहना था कि बापू के सिद्धांतों और आदर्शों के विपरीत ऐसे पावन दिन पर शराब दुकान का खुला रहना दुर्भाग्यपूर्ण है। उन्होंने इसे महात्मा गांधी के विचारों और जनभावनाओं का अपमान बताया था।























