मुंगेली : छत्तीसगढ़ में टाईगर रिजर्व एरिया की सुरक्षा व्यवस्था की कैसे धज्जियां उड़ाई जाती है, इसकी बानगी मुंगेली जिले मेें देखी जा सकती है। यहां अचानकमार टाईगर रिजर्व की सुरक्षा व्यवस्था को जवाबदार अधिकारियों ने मजाक बना दिया है। आलम ये है कि टाईगर रिजर्व के कोर जोन में युवक हथियार के साथ न केवल अंदर पहुंच रहे है, बल्कि जंगल में फायरिंग करते हुए रील भी बना रहे है। ऐसा ही एक वीडियों सुरही वन परिक्षेत्र के कोर जोन का आया है। जहां टाटा सफारी में सवार युवक बंदूक के साथ कोर जोन में प्रवेश कर जंगल में बेधड़क होकर फायरिंग करते हुए नजर आ रहे है।
इस वायरल वीडियों ने अचानकमार टाईगर रिजर्व की सुरक्षा व्यवस्था के साथ ही ATR प्रबंधन की कार्य प्रणाली पर एक बार फिर सवालियां निशान लगा दिया है। छत्तीसगढ़ में टाईगर रिजर्व एरिया में वन्यजीवों की सुरक्षा को लेकर वन अमला कितना सजग और अलर्ट है, इसकी पोल एक वायरल वीडियों ने खोल दी है। सोशल मीडिया में वायरल ये वीडियों अचानकमार टाईगर रिजर्व एरिया के सुरही वन परिक्षेत्र के कोर जोन का है। वायरल वीडियों में देखा जा सकता है कि टाटा सफारी में सवार युवक बंदूक के साथ सुरही वन परिक्षेत्र में प्रवेश करते है। इसके बाद कोर जोन के वन परिक्षेत्र में बेधड़क होकर दिन के उजाले और रात के वक्त अंधाधुन फायरिंग कर रहे है।
अचानकमार टाईगर रिजर्व एरिया के कोर जोन में हथियार के साथ घुसकर शूट किये गये इस वीडियों ने वन विभाग की सुरक्षा व्यवस्था और कार्य प्रणाली दोनों को कटघरे में खड़े कर दिया है। सूत्रों की माने तो जवाबदार अधिकारियों के संरक्षण में आये दिन टाईगर रिजर्व एरिया में युवक अपनी महंगी गाड़ियों से न केवल प्रवेश कर रहे है, बल्कि वन्यजीव संरक्षण के नियमों की खुलेआम धज्जियां भी उड़ा रहे है। वायरल वीडियों में देखा जा सकता है कि हथियारबंद ये युवक रात के वक्त भी जंगल में फायरिंग करते दिख रहे है। जबकि टाईगर रिजर्व के कोर जोन में शाम के बाद किसी भी रूकने का परमिशन नही होता।
ऐसे में सबसे बड़ा सवाल यहीं है कि आखिर अचानकमार टाईगर रिजर्व में किसके संरक्षण में वन्यजीवों की जान के साथ खिलवाड़ किया जा रहा है। क्या सरकार इस गंभीर चूक पर कोई बड़ा एक्शन लेगी ? क्या इस वायरल वीडियों में हथियार लेकर खुलेआम फायरिंग करने वालों पर कानूनी कार्रवाई की जायेगी ? ताकि ऐसी मनामनी दुबारा न दुहराई जा सके। ये तो अब आने वाला वक्त ही बतायेगा। फिलवक्त मुंगेली जिले का ATR प्रबंधन इस पूरे मामले पर कुछ भी कहने से बचता नजर आ रहा है।






















