छतरपुर : मध्य प्रदेश के छतरपुर जिले में पिछले 15 घंटों से हो रही मूसलाधार बारिश ने भारी तबाही मचाई है। नदी-नाले उफान पर हैं और कई गंभीर हादसों ने जिले में संकट की स्थिति पैदा कर दी है। कच्चे मकानों के ढहने, बाढ़ और नाले में बहने की घटनाओं ने जनजीवन को पूरी तरह अस्त-व्यस्त कर दिया है।
मकान ढहने से दो की मौत-
जिले में भारी बारिश के कारण कच्चे मकान ढहने की दो दुखद घटनाएं सामने आई हैं। ओरछा रोड थाना क्षेत्र के ग्राम ढिलापुर में रात के समय सो रही मां-बेटी पर कच्चा मकान गिर गया, जिसमें बेटी की मौके पर ही मौत हो गई, और मां गंभीर रूप से घायल हो गई। दूसरी घटना ग्राम हतना में हुई, जहां एक युवक जानवरों को छोड़ने गया था, लेकिन कच्ची दीवार के नीचे दबने से उसकी मौत हो गई।
नाले में डूबी एंबुलेंस, चालक सुरक्षित-
भोपाल से मरीज को लेकर छतरपुर आई एक एंबुलेंस केडी गांव के पास नाले में फंस गई। भारी बारिश के कारण नाले में तेज बहाव था, जिससे एंबुलेंस पूरी तरह पानी में डूब गई। गनीमत रही कि चालक को सुरक्षित निकाल लिया गया।
नाले में बहा युवक, तलाश जारी-
नारायणपुरा रोड पर हरबंश (24) नामक युवक साइकिल से नाला पार करते समय उफनते पानी में बह गया। स्थानीय लोगों और पुलिस ने तलाश शुरू की, लेकिन अभी तक उसका कोई सुराग नहीं मिला है। खोजबीन का कार्य जारी है।
बाढ़ और बिजली कटौती ने बढ़ाई मुश्किलें-
जिले के कई गांवों में बाढ़ जैसी स्थिति बन गई है। बजरंग नगर में घरों में पानी घुस गया, और बच्चे तैरते नजर आए। बाढ़ के खतरे को देखते हुए कई गांवों की बिजली आपूर्ति काट दी गई है, ताकि हाई टेंशन तारों से कोई हादसा न हो। इससे प्रभावित गांवों में संकट और गहरा गया है।
स्कूलों में अवकाश घोषित-
भारी बारिश और बाढ़ की स्थिति को देखते हुए कलेक्टर ने जिले के सभी स्कूलों में आज अवकाश घोषित कर दिया है। यह निर्णय बच्चों और स्कूल स्टाफ की सुरक्षा को ध्यान में रखकर लिया गया है।






















