बिलासपुर : न्यायधानी बिलासपुर में मल्हार महोत्सव की तैयारियों को लेकर आयोजित बैठक उस समय विवाद का कारण बन गई, जब बैठक के दौरान नगर पंचायत अध्यक्ष और उपाध्यक्ष के बीच तीखी नोकझोंक हो गई। मामला इतना बढ़ गया कि नगर पंचायत अध्यक्ष ने गुस्से में उपाध्यक्ष को तमाचा जड़ दिया और बैठक में मौजूद पार्षदों से भी कथित तौर पर गाली-गलौज कर दी। इस पूरी घटना के बाद स्थानीय राजनीति में हलचल मच गई है, क्योंकि दोनों ही पक्ष सत्तारूढ़ भाजपा से जुड़े बताए जा रहे हैं।
गौरतलब है कि बिलासपुर जिले में मल्हार महोत्सव की तैयारियां की जा रही है। बताया जा रहा है कि दो दिन पहले महोत्सव की तैयारियों को लेकर रेस्ट हाउस में एक बैठक आयोजित की गई थी। बैठक में नगर पंचायत अध्यक्ष धनेश्वरी केंवट, उपाध्यक्ष सुशील चौबे के साथ ही पार्षद और प्रशासनिक अधिकारी मौजूद थे। प्रशासन की ओर से एसडीएम, तहसीलदार और नगर पंचायत के सीएमओ भी बैठक में शामिल हुए थे। बताया जा रहा है कि बैठक के दौरान महोत्सव के आयोजन को लेकर कार्ययोजना तैयार की जा रही थी।
इसी दौरान किसी मुद्दे पर चर्चा के दौरान माहौल नगर पंचायत अध्यक्ष ने जोर-जोर से बोलना शुरू कर दिया। इस पर उपाध्यक्ष सुशील चौबे ने उन्हें शांत होकर अपनी बात रखने की सलाह दी। इसी बात पर नाराज होकर अध्यक्ष ने कथित तौर पर उपाध्यक्ष को बीच बैठक में थप्पड़ मार दिया। इस घटना से बैठक में मौजूद लोग कुछ देर के लिए स्तब्ध रह गए। इसके बाद अध्यक्ष और पार्षदों के बीच तीखी बहस और गाली-गलौज भी हुई, जिससे स्थिति और तनावपूर्ण हो गई। बैठक में मौजूद प्रशासनिक अधिकारियों ने मामले को शांत कराने की कोशिश की।
लेकिन माहौल बिगड़ता देख अंततः बैठक को स्थगित करना पड़ा। घटना के बाद उपाध्यक्ष और पार्षदों ने इसकी शिकायत भाजपा जिला अध्यक्ष मोहित जायसवाल सहित पार्टी के अन्य वरिष्ठ नेताओं से की है। आपको बता दे नगर पंचायत अध्यक्ष और उपाध्यक्ष दोनों ही बीजेपी से जुड़े है। लिहाजा इस घटना ने स्थानीय संगठन में भी हलचल पैदा कर दी है। गौरतलब है कि इससे पहले भी नगर पंचायत अध्यक्ष धनेश्वरी केंवट का विवादों से नाता रहा है। कुछ समय पहले उन्होंने नगर पंचायत सीएमओ के कार्यालय में घुसकर अभद्रता की थी।
जिसका वीडियो सोशल मीडिया में वायरल हुआ था। उस मामले में सीएमओ की शिकायत पर मल्हार चौकी में अध्यक्ष के खिलाफ मामला दर्ज किया गया था। अब मल्हार महोत्सव की बैठक में हुए इस नए विवाद ने स्थानीय प्रशासन और राजनीतिक गलियारों में चर्चा का विषय बना दिया है। पार्टी स्तर पर मामले की शिकायत होने के बाद यह देखना दिलचस्प होगा कि संगठन इस पूरे घटनाक्रम पर क्या कार्रवाई करता है, ये तो आने वाला वक्त ही बतायेगा।






















