मध्य प्रदेश

बिना नौकरी किए हर महीने आती रही सैलरी शिक्षा कार्यालय में 2018 से चल रहा था फर्जी शिक्षकों का खेल, जाने कैसे खुला करोड़ों का राज

जबलपुर : मध्य प्रदेश के जबलपुर जिले के पनागर ब्लॉक शिक्षा कार्यालय में 1 करोड़ 11 लाख रुपये का एक बड़ा गबन उजागर हुआ है। यह घोटाला न केवल सरकारी खजाने को लगी बड़ी चपत का है, बल्कि इसे अंजाम देने के शातिर तरीके ने भी विभाग को हिलाकर रख दिया है। ट्रेजरी अकाउंट विभाग में राशि का मिलान न होने पर इस पूरे खेल का पर्दाफाश हुआ, जिसमें फर्जी अतिथि शिक्षकों के नाम पर लाखों का भुगतान डकारा गया। इस पूरे मामले में पुलिस ने 14 आरोपियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर लिया है जबकि सभी आरोपी फरार है।

पत्नी और दो बेटियों को बनाया फर्जी अतिथि शिक्षक

दरअसल, जांच में सामने आया है कि यह घोटाला साल 2018 से लगातार पनागर ब्लॉक ऑफिस में अंजाम दिया जा रहा था। मुख्य आरोपी अकाउंटेंट विजय कुमार भलावी ने विभागीय अधिकारियों की मिलीभगत से अपनी पत्नी और दो बेटियों को फर्जी अतिथि शिक्षक बताया और उनके खातों में कई लाख रुपये ट्रांसफर कर दिए, जबकि उन्होंने कभी विभाग में नौकरी नहीं की थी।

फर्जी बिल लगाकर भारी-भरकम राशि निकाली

इतना ही नहीं, आरोपियों ने ब्लॉक ऑफिस के विभिन्न कार्यों के नाम पर फर्जी बिल लगाकर भी भारी-भरकम राशि निकाली। इस सुनियोजित भ्रष्टाचार में वरिष्ठ अधिकारियों का भी संरक्षण शामिल था। जिला प्रशासन तक शिकायत पहुँचने के बाद, शिक्षा विभाग की लिखित शिकायत पर जबलपुर की पनागर थाना पुलिस ने कड़ी कार्रवाई की है।

14 आरोपियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज

पुलिस ने मुख्य आरोपी अकाउंटेंट विजय कुमार भलावी, पूर्व शिक्षा अधिकारी शैलबाला डोंगरे और पूर्व शिक्षा अधिकारी गणेश खरे समेत कुल 14 आरोपियों के खिलाफ गबन की धाराओं में एफआईआर दर्ज की है। मामला दर्ज होते ही सभी आरोपी फरार हो गए हैं। पनागर थाना पुलिस ने फरार अधिकारियों और कर्मचारियों की तलाश के लिए अलग-अलग ठिकानों पर दबिश देना शुरू कर दिया है।

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