जगदलपुर : छत्तीसगढ़ के जगदलपुर जिले में आज लाल आतंक को बड़ा झटका लगा है। नक्सलवाद को जड़ से खत्म करने के लिए चलाए जा रहे निर्णायक अभियान की डेडलाइन से ठीक 20 दिन पहले बस्तर संभाग के 3 करोड़ 95 लाख रुपये के इनामी 108 नक्सलियों ने सरेंडर कर दिया है।सरेंडर करने वाले 108 नक्सलियों में से 101 नक्सलियों ने हथियार, 3.6 करोड़ रुपये कैश और 1 किलो सोना के साथ आत्मसमर्पण किया है। सरेंडर करने वाले नक्सलियों में बटालियन के प्रमुख नक्सली राहुल और झित्रु की टीम भी शामिल है।
चार दिनों पहले 124 नक्सलियों ने किया था आत्मसमर्पण
आपको बता दें कि केंद्र सरकार द्वारा मार्च 2026 तक देशभर से नक्सलवाद को जड़ से खत्म करने के लिए चलाया जा रहा निर्णायक अभियान अब अपने चरम पर पहुंच चुका है। हाल ही में 7 मार्च 2026 को हैदराबाद में रेवंत रेड्डी के सामने 124 नक्सलियों ने आत्मसमर्पण किया था। सरेंडर करने वाले नक्सलियों में ज्यादातर छत्तीसगढ़ के नक्सली शामिल थे। बताया जा रहा है कि आत्मसमर्पण करने वाले नक्सलियों में PLGA के शीर्ष नक्सली भी शामिल हैं।
सीएम विष्णु देव साय ने केंद्र सरकार के प्रति व्यक्त किया अपना विश्वास
आपको बता दें कि मांडवी हिड़मा के एनकाउंटर से लेकर बरसे देवा के सरेंडर तक सुरक्षाबलों को कई बड़ी सफलताएं मिली हैं। अमित शाह सीएम विष्णु देव साय ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर इस अभियान की सराहना करते हुए केंद्र सरकार के प्रति अपना विश्वास व्यक्त किया था । उन्होंने सोशल मीडिया पर पोस्ट करते हुए लिखा कि गृहमंत्री अमित शाह, आपके कुशल, दृढ़ और निर्भीक नेतृत्व में चलाया जा रहा नक्सल उन्मूलन का अभियान आज निर्णायक चरण में पहुँच चुका है। सुरक्षा बलों के साहस, समर्पण और बलिदान ने इस संकल्प को और अधिक सशक्त किया है कि भारत 31 मार्च 2026 तक नक्सलवाद से पूर्णतः मुक्त होगा। हमें विश्वास है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की मंशा के अनुरूप और आपके मार्गदर्शन में हम बस्तर सहित नक्सल प्रभावित रहे क्षेत्रों में नक्सलवाद को समाप्त कर एक सुरक्षित, समृद्ध और शांतिपूर्ण वातावरण के निर्माण के इस लक्ष्य को अवश्य प्राप्त करेंगे।
महासमुंद में भी 15 सशस्त्र माओवादियों ने किया था आत्मसमर्पण
आपको बता दें की छत्तीसगढ़ के महासमुंद जिले में कुछ दिनों पहले भी “पूना मारगेम–पुनर्वास से पुनर्जीवन” अभियान के तहत बीबीएम डिवीजन के 15 सशस्त्र माओवादियों ने हथियार समर्पित कर समाज की मुख्यधारा में वापसी की थी। इनमें 9 महिला और 6 पुरुष नक्सली शामिल थे। इन सभी ने अपने अत्याधुनिक हथियारों के साथ एडीजी नक्सल, आईजी रायपुर, आईजी संबलपुर, एसपी महासमुंद, एसपी बरगढ़, एसपी बलांगीर एवं जिला पुलिस महासमुंद के समक्ष आत्मसमर्पण किया। इन नक्सलियों पर कुल 73 लाख रुपये का इनाम घोषित था।
73 लाख रुपये का इनाम था घोषित
शासन द्वारा प्रतिबंधित भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी की ओडिशा स्टेट कमेटी के पश्चिमी सब-जोन अंतर्गत बरगढ़-बलांगीर-महासमुंद डिविजनल कमेटी के सभी 15 माओवादियों ने हथियार त्यागकर संविधान और तिरंगा झंडा थाम लिया। इन नक्सलियों पर कुल 73 लाख रुपये का इनाम घोषित था, जिसमें 1 स्टेट कमेटी सदस्य पर 25 लाख, 2 डिविजनल कमेटी सदस्य पर 8-8 लाख, 5 एरिया कमेटी सदस्य पर 5-5 लाख और 7 प्लाटून सदस्य पर 1-1 लाख रुपये का इनाम शामिल था।
“रायपुर संभाग नक्सल मुक्त ”
पुलिस द्वारा लगातार संवाद, पोस्टर, बैनर, आकाशवाणी और पुनर्वास नीति के प्रचार-प्रसार के माध्यम से अपील की जा रही थी। पूर्व में आत्मसमर्पण कर चुके साथियों को पुनर्वास योजना का लाभ लेते देख इन माओवादियों ने हिंसा का रास्ता छोड़ मुख्यधारा में लौटने का निर्णय लिया। एडीजी नक्सल ने कहा कि रायपुर संभाग नक्सल मुक्त हो गया है। वहीं आत्मसमर्पण करने वाले नक्सलियों का कहना है कि आ रही कठिनाइयों के कारण उन्होंने आत्मसमर्पण का निर्णय लिया।






















