दिल्ली : दिल्ली-एनसीआर क्षेत्र में वायु प्रदूषण लगातार बढ़ता जा रहा है और राष्ट्रीय राजधानी अब गंभीर स्तर पर पहुंच चुकी है। इसी गंभीर स्थिति को देखते हुए, दिल्ली सरकार ने ग्रेडेड रेस्पांस एक्शन प्लान (GRAP) के चौथे चरण को लागू किया है। यह चौथा चरण राजधानी में वायु गुणवत्ता की स्थिति को नियंत्रण में रखने और जनता की सेहत की सुरक्षा के लिए उठाया गया एक महत्वपूर्ण कदम है। इस चरण के तहत लागू किए गए नियम कड़े हैं और जनता, खासकर संवेदनशील वर्गों, को सुरक्षित रखने पर केंद्रित हैं।
मजदूरों को आर्थिक सहायता देने का फैसला
दिल्ली सरकार ने प्रदूषण के इस खतरनाक स्तर के मद्देनजर प्रभावित मजदूरों को आर्थिक सहायता देने का भी ऐतिहासिक निर्णय लिया है। इसके तहत राजधानी में पंजीकृत मजदूरों को सीधे उनके बैंक खातों में ₹10,000 की मदद प्रदान की जाएगी। यह कदम उन लोगों के लिए राहत का काम करेगा, जो घर से काम न कर पाने और आर्थिक नुकसान झेलने के कारण प्रभावित हुए हैं। अधिकारियों का कहना है कि यह वित्तीय सहायता मजदूरों को तत्काल आर्थिक समर्थन देने और उनके जीवन यापन में मदद करने के उद्देश्य से है।
GRAP का चौथा चरण लागू
GRAP के चौथे चरण के तहत कई सख्त नियम लागू किए गए हैं। सभी सरकारी और निजी कार्यालयों में 50% कर्मचारियों के लिए वर्क फ्रॉम होम (WFH) को अनिवार्य किया गया है। इसके अलावा, निर्माण कार्यों पर प्रतिबंध, सार्वजनिक वाहनों के उत्सर्जन पर निगरानी, और धूल उत्पन्न करने वाले औद्योगिक कार्यों में कटौती जैसी कई कदम उठाए गए हैं। शहर में वाहनों के लिए भी कई दिशानिर्देश जारी किए गए हैं, ताकि प्रदूषण को कम किया जा सके और लोगों को सांस लेने में आसानी हो।
प्रदूषण कम करने के कड़े कदम
स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने चेतावनी दी है कि वायु प्रदूषण बच्चों, बुजुर्गों और श्वसन रोगों से प्रभावित व्यक्तियों के लिए गंभीर स्वास्थ्य जोखिम पैदा कर सकता है। दिल्ली सरकार ने नागरिकों से अपील की है कि वे मास्क का इस्तेमाल करें, बाहर निकलने से बचें, और घर के अंदर वायु शुद्धिकरण उपाय अपनाएं। इस बीच, प्रशासन लगातार वायु गुणवत्ता पर निगरानी रख रहा है और हर दिन की रिपोर्ट के आधार पर अतिरिक्त कदम उठाता रहेगा।
विशेषज्ञों का मानना है कि GRAP का चौथा चरण राजधानी में प्रदूषण की स्थिति को नियंत्रण में रखने और नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। इसके अलावा, आर्थिक सहायता और WFH जैसी पहल लोगों को असुविधा के समय राहत प्रदान करती हैं और उन्हें सुरक्षित रखती हैं।






















