नई दिल्ली : दिल्ली सरकार ने अपने कार्यकाल की पहली वर्षगांठ के अवसर पर बेटियों के उज्ज्वल भविष्य को ध्यान में रखते हुए एक नई महत्वाकांक्षी योजना का ऐलान किया है। देखा जाता है कि, सरकार महिला सशक्तिकरण को बढ़ावा देने के लिए चला रही है।
लखपति बिटिया योजना का ऐलान
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने ‘लखपति बिटिया योजना’ शुरू करने की घोषणा करते हुए स्पष्ट किया कि पुरानी ‘लाडली योजना’ को 31 मार्च 2026 से बंद कर दिया जाएगा। नई योजना 1 अप्रैल 2026 से लागू होगी और इसका उद्देश्य बेटियों की शिक्षा को प्रोत्साहन देना तथा आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों को सहारा देना है।
मिलेंगे 1 लाख रुपये
मुख्यमंत्री के अनुसार, इस योजना के तहत दिल्ली की बेटियों को जन्म से लेकर स्नातक की पढ़ाई पूरी करने तक अलग-अलग चरणों में कुल 56 हजार रुपये की आर्थिक सहायता दी जाएगी। जब बेटी अपनी स्नातक शिक्षा पूरी कर लेगी और योजना मैच्योर होगी, तब उसे एकमुश्त 1 लाख रुपये की राशि प्रदान की जाएगी। सरकार का मानना है कि यह राशि बेटियों को उच्च शिक्षा, कौशल विकास या स्वरोजगार की दिशा में आगे बढ़ने में मदद करेगी। योजना के लिए पात्रता संबंधी नियम भी स्पष्ट कर दिए गए हैं।
एक परिवार की अधिकतम दो बेटियों को ही इस योजना का लाभ मिलेगा। वहीं, केवल वे परिवार पात्र होंगे जिनकी सालाना आय 1 लाख 20 हजार रुपये या उससे कम है। सरकार ने यह भी स्पष्ट किया है कि यदि कोई बेटी स्नातक की पढ़ाई पूरी करने से पहले विवाह कर लेती है, तो उसे इस योजना का लाभ नहीं मिलेगा। इस प्रावधान का उद्देश्य बाल विवाह को हतोत्साहित करना और बेटियों की उच्च शिक्षा सुनिश्चित करना है। इस पूरी योजना पर सरकार लगभग 160 करोड़ रुपये खर्च करेगी।
सीएम रेखा गुप्ता ने क्या कहा ?
लाडली योजना को बंद करने के फैसले पर मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि यदि यह योजना सही तरीके से लागू होती तो इसके बेहतर परिणाम सामने आते। उन्होंने बताया कि लाडली योजना के तहत बच्चियों को अलग-अलग चरणों में 36 हजार रुपये देने का प्रावधान था, जो मैच्योरिटी के बाद मिलना था। लेकिन लगभग 1 लाख 86 हजार लाभार्थियों तक राशि नहीं पहुंच पाई। पिछले एक वर्ष में सरकार ने 30 हजार बच्चियों की पहचान कर उन्हें 90 करोड़ रुपये की राशि पहुंचाई है।
साथ ही अब 41 हजार बच्चियों को 100 करोड़ रुपये देने की प्रक्रिया शुरू की जा रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री की प्रेरणा से ‘मेरी पूंजी मेरा अधिकार’ जैसे विचारों से सीख लेकर नई योजना को अधिक पारदर्शी और प्रभावी बनाने का प्रयास किया गया है। सरकार का दावा है कि ‘लखपति बिटिया योजना’ न केवल बेटियों की शिक्षा को बढ़ावा देगी बल्कि परिवारों को भी आर्थिक रूप से सशक्त बनाएगी।






















