सोशल मीडिया

मुसलमानों की घर वापसी वाले बयान पर भड़के मौलाना अरशद मदनी कहा ‘लगता है सिर्फ उन्होंने अपनी माँ का दूध पिया है’, देखें वायरल वीडियो

नई दिल्ली : जमीयत उलेमा-ए-हिंद के अध्यक्ष मौलाना अरशद मदनी अपने बेबाक बयानों के लिए जानें जाते है। वहीं अब मौलाना अरशद मदनी ने मुसलमानों की घर वापसी करवाए जाने वाले बयानों पर पलटवार किया है। मौलाना अरशद मदनी का एक वीडियो सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हो रहा है। 

इस वीडियो में मौलाना अरशद मदनी कह रहे हैं कि, जो बातें सत्तर वर्षों में कहने वाले पैदा नहीं हुए थे, आज वो बातें कही जा रही हैं कि बीस करोड़ मुसलमानों की “घर वापसी” कराई जाएगी। ऐसा लगता है मानो सिर्फ उन्हीं लोगों ने अपनी माँ का दूध पिया है, बाकी और किसी ने नहीं। जबकि सच्चाई यह है कि हर वह आवाज़ जो देश को तबाही, बर्बादी, बदअमनी और आपसी दुश्मनी की ओर ले जाए, वह देश के प्रति वफादारी की आवाज नहीं हो सकती।

देश में भड़काई जा रही नफरत की आग

अरशद मदनी ने आगे कहा कि, आज देश के भीतर नफ़रत की आग भड़काई जा रही है, हत्या-हिंसा का माहौल बना हुआ है, दिनदहाड़े लिंचिंग की घटनाएँ हो रही हैं, गाय के नाम पर बेगुनाहों को मौत के घाट उतारा जा रहा है, और सरकार खामोशी बनाये हुए है। इसके बावजूद कुछ लोग यह ऐलान करते फिर रहे हैं कि इस देश में वही रहेगा जो उनके विचारधारा पर चलेगा। यह सोच न केवल भारतीय संविधान का खुला उल्लंघन है बल्कि देश की अखंडता, एकता और शांति के लिए भी बेहद खतरनाक है।

कयामत तक जिंदा रहेगा इस्लाम : अरशद

अरशद मदनी ने कहा कि, जमीयत उलमा-ए-हिंद शुरू से ही ऐसी सांप्रदायिक और नफ़रत फैलाने वाली सोच की कड़ी विरोधी रही है और जब तक जिंदा रहेगी, इसका विरोध करती रहेगी। मुसलमान जिंदा हैं और अपने धर्म पर जिंदा रहेंगे, मुसलमानों को मिटाने वाले खुद मिट गए, मगर इस्लाम जिंदा है और कयामत तक जिंदा रहेगा। इस देश में शांति, भाईचारा और आपसी सद्भाव केवल धर्मनिरपेक्ष संविधान की छाया में ही संभव है।

नहीं स्वीकारी जाएगी धर्म के नाम पर हिंसा

अरशद मदनी ने कहा कि, याद रखिए धर्म के नाम पर किसी भी प्रकार की हिंसा स्वीकार नहीं की जा सकती। सभी धर्म मानवता, सहिष्णुता, प्रेम और एकता का संदेश देते हैं, इसलिए जो लोग धर्म का उपयोग नफ़रत और हिंसा फैलाने के लिए करते हैं, वे अपने धर्म के सच्चे अनुयायी नहीं हो सकते। हमें हर स्तर पर ऐसे लोगों की निंदा और विरोध करना चाहिए।

What's your reaction?

Related Posts

न्यू ईयर का जश्न मामत में बदला बार में हुआ भीषण विस्फोट …. कई लोगों के मारे जाने की खबर देखे पूरा वीडियो

स्विट्जरलैंड : स्विट्जरलैंड में नये साल का जश्न मातम में तब्दील हो गया। यहां के…

1 of 16