उज्जैन : विश्व प्रसिद्ध उज्जैन के महाकालेश्वर मंदिर में भस्म आरती की अनुमति प्रक्रिया में प्रशासन ने एक बड़ा बदलाव किया है। मंदिर समिति ने श्रद्धालुओं की सुविधा और व्यवस्था को पारदर्शी बनाने के लिए एक दिन पहले मिलने वाली ऑफलाइन अनुमति को पूरी तरह बंद कर दिया है। अब मंदिर में भस्म आरती के लिए भक्तों को केवल डिजिटल माध्यम का ही सहारा लेना होगा।
क्या है नए नियम ?
नए नियमों के अनुसार, भस्म आरती के लिए अब सभी अनुमतियां सिर्फ ऑनलाइन माध्यम से ही प्राप्त की जा सकेंगी। अभी तक मिलने वाली फ्री परमिशन की व्यवस्था को खत्म कर दिया गया है और अब श्रद्धालुओं को इसके लिए 200 रुपये का शुल्क देना होगा, जो 300 स्लॉट पहले ऑफलाइन काउंटर से मिलते थे, उन्हें अब तत्काल कोटा में बदल दिया गया है।इस कोटे की बुकिंग यात्रा से एक दिन पहले सुबह 8 बजे पोर्टल पर खुलेगी, जो ‘पहले आओ, पहले पाओ’ के आधार पर होगी। इसके अलावा, एडवांस बुकिंग की अवधि को भी 3 महीने से घटाकर अब केवल 1 महीना कर दिया गया है।
तत्काल कोटे का लाभ सिर्फ 300 श्रद्धालुओं को
मंदिर समिति के इस फैसले से श्रद्धालुओं को मंदिर के बाहर लगने वाली लंबी लाइनों से बड़ी राहत मिलेगी। हालांकि, तत्काल कोटे का लाभ केवल सीमित संख्या यानि 300 श्रद्धालुओं को ही मिलेगा। यह नई व्यवस्था श्रद्धालुओं के लिए समय की बचत और सुगम दर्शन सुनिश्चित करने की दिशा में एक बड़ा कदम है।





















