कोरबा : कोरबा स्थित मेडिकल कॉलेज अस्पताल कोरबा परिसर में सोमवार को अचानक भीषण आग लगने से हड़कंप मच गया। अस्पताल के पीछे लंबे समय से खड़ी पुरानी और अनुपयोगी कबाड़ गाड़ियों में आग लगने से कुछ ही देर में लपटें विकराल रूप धारण कर गईं। आग के कारण पूरे परिसर में धुएं का घना गुबार फैल गया, जिससे वहां मौजूद लोगों में अफरा-तफरी की स्थिति बन गई। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार अस्पताल परिसर के पीछे काफी समय से कई पुरानी और बेकार पड़ी गाड़ियां कबाड़ के रूप में खड़ी थीं।
सोमवार दोपहर अचानक इन्हीं वाहनों में आग लग गई। शुरुआत में आग छोटी थी, लेकिन देखते ही देखते उसने तेजी से फैलना शुरू कर दिया और कई गाड़ियां उसकी चपेट में आ गईं। आग की लपटें इतनी तेज थीं कि दूर से ही धुआं और आग का गुबार दिखाई देने लगा। अस्पताल परिसर में मौजूद लोग और आसपास के नागरिक घबरा गए। कुछ लोगों ने मौके पर मौजूद संसाधनों से आग बुझाने की कोशिश की, जबकि अन्य लोगों ने तुरंत दमकल विभाग को इसकी सूचना दी।
सूचना मिलने के बाद छत्तीसगढ़ अग्निशमन सेवा की टीम मौके के लिए रवाना हुई। हालांकि स्थानीय लोगों के अनुसार दमकल की गाड़ियां देर से पहुंचीं, जिसके कारण आग तेजी से फैलती चली गई और उसने विकराल रूप ले लिया। जब तक दमकल की टीम मौके पर पहुंची, तब तक कई वाहन पूरी तरह जलकर खाक हो चुके थे। दमकल कर्मियों ने मौके पर पहुंचते ही आग बुझाने का अभियान शुरू किया। काफी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाने की कोशिश की गई, ताकि आग आसपास के क्षेत्रों तक न फैल सके।
गौरतलब है कि जिस स्थान पर आग लगी, उसके पास ही डॉक्टरों और अस्पताल स्टाफ की आवासीय कॉलोनी स्थित है। आग की तेज लपटों को देखकर वहां रहने वाले लोगों में चिंता का माहौल बन गया था। लोगों को आशंका थी कि यदि आग पर जल्द काबू नहीं पाया गया तो वह कॉलोनी तक भी पहुंच सकती है। हालांकि दमकल की टीम ने समय रहते प्रयास कर आग को फैलने से रोक दिया। स्थानीय लोगों का कहना है कि अस्पताल परिसर में लंबे समय से पुरानी गाड़ियां और अन्य कबाड़ पड़ा हुआ था।
इसे लेकर पहले भी कई बार सुरक्षा संबंधी सवाल उठाए जा चुके हैं। लोगों का मानना है कि यदि समय रहते इन कबाड़ वाहनों को हटाया जाता तो इस तरह की घटना की संभावना काफी कम हो सकती थी। सूत्रों के अनुसार जिस स्थान पर ये वाहन खड़े थे, वहां अक्सर असामाजिक तत्वों का जमावड़ा लगा रहता था। पास में संचालित ओएसटी सेंटर में आने वाले कुछ नशे के आदी युवक भी इन गाड़ियों के आसपास बैठते देखे जाते थे। ऐसे में आशंका जताई जा रही है कि किसी असामाजिक तत्व की हरकत के कारण आग लगी हो सकती है।






















