नई दिल्ली : प्राइवेट सेक्टर में काम करने वाले कर्मचारियों के लिए नौकरी की अनिश्चितता कोई नई बात नहीं है। आर्थिक मंदी, कंपनी की छंटनी या बेहतर करियर के अवसर की तलाश में लोग अक्सर नौकरी बदलते हैं। ऐसे में जब कोई कर्मचारी बेरोजगार हो जाता है या लंबे समय तक काम नहीं करता, तो सबसे बड़ी चिंता बन जाती है, अपनी जमा पूंजी की सुरक्षा। इस पूंजी में सबसे अहम हिस्सा है भविष्य निधि यानी पीएफ। अक्सर लोगों के मन में सवाल उठता है कि अगर नौकरी नहीं रही और पीएफ खाते में योगदान बंद हो गया तो क्या पुराने जमा पैसे पर ब्याज भी मिलना बंद हो जाएगा।
नौकरी छोड़ने पर भी PF सुरक्षित
पीएफ खाते को लेकर यह भ्रम काफी आम है कि नौकरी छोड़ते ही खाते में नए योगदान नहीं आने पर सरकार ब्याज देना बंद कर देती है। इस डर के चलते कई कर्मचारी हड़बड़ी में पूरा पैसा निकाल लेते हैं, जिससे उनकी रिटायरमेंट सेविंग्स पर गंभीर असर पड़ता है। तकनीकी युग में जहां नौकरियां तेजी से बदल रही हैं और नई नौकरी मिलने में कभी-कभी सालों लग जाते हैं, ऐसे मुश्किल समय में पीएफ खाता ही लोगों की उम्मीद की किरण बनकर आता है।
58 वर्ष तक PF खाता सक्रिय
सच्चाई यह है कि नौकरी छोड़ने के बाद भी आपका पीएफ खाता आपको कमाता रहता है। समाज में फैला यह मिथक कि “3 साल तक कोई ट्रांजेक्शन न होने पर ब्याज बंद हो जाएगा” पूरी तरह गलत है। यह नियम पुराने समय में रिटायर हो चुके लोगों के लिए था, न कि उन कर्मचारियों के लिए जिन्होंने बीच में नौकरी छोड़ी हो। अगर आप नौकरी छोड़ने के बाद 4-5 साल तक भी बेरोजगार रहें, तब भी आपका खाता ब्याज अर्जित करता रहेगा। ईपीएफओ (EPFO) आपके जमा पैसे पर तब तक ब्याज जोड़ता रहेगा जब तक आप 58 साल की उम्र तक नहीं पहुंच जाते।
PF निकालना रिटायरमेंट पर असर
साल 2016 में नियमों में बदलाव के बाद स्थिति पूरी तरह स्पष्ट हो गई। पहले नियमों में कुछ अस्पष्टता थी, जिसके कारण ‘3 साल’ वाला मिथक प्रचलित हो गया। नए नियमों के अनुसार, अगर कोई कर्मचारी 58 साल की उम्र से पहले नौकरी छोड़ता है, तो उसका खाता ‘इनएक्टिव’ नहीं माना जाएगा। भले ही उसमें सालों तक कोई नया पैसा जमा न हो, सरकार उस पर हर साल घोषित ब्याज दर के अनुसार ब्याज जोड़ेगी। कर्मचारियों को यह समझना बेहद जरूरी है कि ‘इनएक्टिव अकाउंट’ का नियम केवल रिटायरमेंट के बाद लागू होता है। अगर आप 58 साल की उम्र से पहले नौकरी छोड़ते हैं, तब तक आपका खाता सक्रिय माना जाएगा और ब्याज अर्जित होता रहेगा।
वहीं, 58 साल की उम्र के बाद अगर कोई खाता तीन साल तक बिना क्लेम किए रहता है, तभी उस पर ब्याज क्रेडिट बंद हो जाता है। विशेषज्ञों की सलाह है कि कर्मचारियों को अपने PF खाते के बारे में भ्रम में नहीं रहना चाहिए और नौकरी बदलने के बावजूद इसे सुरक्षित रखना चाहिए। यह खाता न केवल रिटायरमेंट की सुरक्षा देता है, बल्कि आर्थिक अस्थिरता के समय भी एक भरोसेमंद सहारा बनकर आता है। इसलिए नौकरी छोड़ने के बाद भी पीएफ का पैसा और ब्याज लगातार बढ़ता रहेगा, और कर्मचारी अपने रिटायरमेंट के लिए स्थिर वित्तीय भविष्य की तैयारी कर सकते हैं।






















