नई दिल्ली : कर्मचारी भविष्य निधि (EPF) प्राइवेट सेक्टर में काम करने वाले कर्मचारियों के लिए एक महत्वपूर्ण वित्तीय सहारा है। पिछले कुछ दिनों से सोशल मीडिया और अन्य प्लेटफॉर्म्स पर यह कहा जा रहा था कि सरकार EPF पर ब्याज 10% तक बढ़ा सकती है। वर्तमान में कर्मचारियों को 8.25% ब्याज मिलता है। हालांकि, इस बात की आधिकारिक पुष्टि के लिए सरकार ने स्पष्ट किया है कि फिलहाल कोई भी ऐसा प्रस्ताव नहीं है।
सरकार ने संसद में दी सफाई
संसद में लिखित बयान के जरिए सरकार ने कहा कि EPF पर ब्याज बढ़ाने का फिलहाल कोई इरादा नहीं है। सरकार ने यह भी बताया कि EPF पर ब्याज दर कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) के सेंट्रल बोर्ड ऑफ ट्रस्टीज के माध्यम से तय की जाती है। इसके अलावा, सरकार का कहना है कि मौजूदा ब्याज दरें अन्य बचत योजनाओं की तुलना में अभी भी सुरक्षित और आकर्षक बनी हुई हैं।
वर्तमान ब्याज दर और बीते वर्षों का रिकॉर्ड
वित्त वर्ष 2023-24 के लिए EPF पर 8.25% की ब्याज दर लागू है, जो पिछले तीन सालों में सबसे ऊंचे स्तरों में से एक है। इसके पहले 2022-23 में यह दर 8.15% और 2021-22 में 8.10% थी। 2020-21 में यह 8.50% थी। पिछले कुछ वर्षों में मामूली उतार-चढ़ाव देखने को मिला है, लेकिन अब ब्याज दर में सुधार हुआ है, जो कर्मचारियों के लिए बड़ी राहत की खबर है।
EPF Passbook Lite के जरिए बैलेंस कैसे चेक करें?
EPFO ने Passbook Lite नाम का नया फीचर पेश किया है, जिससे सदस्य अपने EPF बैलेंस और पिछले योगदान को आसानी से देख सकते हैं। इसके लिए-
- सबसे पहले EPFO वेबसाइट पर जाकर UAN से लॉगिन करें।
- पेज के ऊपर बाईं ओर ‘View’ पर क्लिक करें।
- ड्रॉप-डाउन मेनू से ‘Passbook Lite’ चुनें।
- पिछले पांच ट्रांजैक्शन की जानकारी देखें।
- पूरी जानकारी देखने के लिए मेंबर ID चुनें और ‘View Passbook’ पर क्लिक करें।






















