मध्य प्रदेश

पिता बनने वाले कर्मचारियों को मिलेगी 2 साल की छुट्टी, सैलरी की भी नहीं होगी दिक्कत, 1 जनवरी से लागू हो जाएंगे नए नियम

भोपाल : प्रदेश के सरकारी कर्मचारियों के लिए बड़ी खुशखबरी सामने आई है। दरअसल सरकार ने सरकारी कर्मचारियों की छुट्टी में कुछ अहम बदलाव करने का फैसला किया है। बताया जा रहा है कि छुट्टियों से संबंधित नए नियम 1 जनवरी 2026 से लागू कर दिए जाएंगे। सरकार 48 साल पुराने मध्य प्रदेश अवकाश नियम 1977 की जगह अब मध्य प्रदेश सिविल सेवा (अवकाश) नियम 2025 लागू करने जा रही है। मध्य प्रदेश सिविल सेवा (अवकाश) नियम 2025 में सरकारी कर्मचारियों के लिए कुछ गुड न्यूज है तो कुछ ऐसे भी नियम लागू किए गए हैं जो मनमानी करने वाले कर्मचारियों पर लगाम लगाएंगे। तो चलिए जानते हैं क्या है मध्य प्रदेश सिविल सेवा (अवकाश) नियम 2025?

पिता बनने पर दो साल की छुट्टी

मध्य प्रदेश सिविल सेवा (अवकाश) नियम 2025 के अनुसार अब पुरुष कर्मचारियों को जो सिंगल फादर हैं उन्हें दो साल का अवकाश दिया जाएगा। इस दौरान कर्मचारियों को पहले साल पूरे वेतन का भुगतान किया जाएगा। जबकि दूसरे साल 80 प्रतिशत वेतन का भुगतान किया जाएगा। वहीं, नए नियमों के तहत EL साल के अंत में कर्मचारियों के खाते में जोड़ा जाता था, लेकिन अब साल की शुरुआत में ही 15 दिन का ईएल जोड़ दिया जाएगा और साल के मध्य में 15 दिन का अवकाश जोड़ा जाएगा। साथ ही नई जॉइनिंग करने वाले कर्मचारी को भी जॉइनिंग के साथ ही आनुपातिक रूप से EL मिल जाएगी। यह सुविधा काम शुरू करने से पहले ही कर्मचारियों को अवकाश की सुरक्षा देगी।

शिक्षकों को ईएल का प्रावधान

मध्य प्रदेश सिविल सेवा (अवकाश) नियम 2025 में शिक्षकों के लिए खास प्रावधान किया गया है। पहले शिक्षण कार्य में लगे कर्मचारियों को ग्रीष्मकालीन अवकाश मिलने के चलते ईएल लेने के लिए पात्र नहीं थे, लेकिन अब साल में 10 दिन का अर्जित अवकाश मिलेगा। 5 दिन की EL जनवरी में और 5 दिन की जुलाई में उनके खाते में जुड़ जाएगी। इसके साथ ही नए नियमों के तहत ड्यूटी के दौरान किसी दुर्घटना में घायल हुए कर्मचारी को दो साल की लीव दी जाएगी। इस अवकाश के पहले 180 दिनों में पूरा वेतन मिलेगा। शेष अवधि में आधा वेतन मिलेगा। कर्मचारी चाहे तो इस अवधि में अपनी EL समायोजित कराकर पूरा वेतन ले सकता है। यह छुट्टियां कर्मचारी के अवकाश खाते से नहीं काटी जाएंगी।

घायल कर्मचारियों को भी दो साल की छुट्टी

अभी तक आकस्मिक अवकाश (CL) के तुरंत बाद मेडिकल लीव लेने पर तकनीकी समस्या होती थी। यदि कोई कर्मचारी बीमार होने पर 1-2 दिन की CL ले लेता है और बाद में उसे मेडिकल लीव की जरूरत पड़ती है, तो उसकी CL बर्बाद हो जाती थी। लेकिन नए नियमों के तहत, कर्मचारी जॉइनिंग के 15 दिन के अंदर अपनी शुरुआती CL को मेडिकल लीव में बदलवा सकेगा। इससे उसकी CL बच जाएगी और पूरी छुट्टी मेडिकल लीव में गिनी जाएगी। वहीं, नए नियमों में स्पष्ट कर दिया गया है कि प्रोबेशनर्स को भी नियमानुसार अवकाश की पात्रता होगी। प्रशिक्षु कर्मचारियों को मेडिकल सर्टिफिकेट पर अधिकतम 1 महीने का अवकाश मिल सकेगा।

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