हैदराबाद : हैदराबाद पुलिस ने वरिष्ठ वकील और वक्फ बोर्ड पैनल के अधिवक्ता खाजा मोइजुद्दीन की मौत के मामले का बड़ा खुलासा किया है। पुलिस के अनुसार, यह कोई साधारण हिट एंड रन मामला नहीं, बल्कि सुनियोजित कॉन्ट्रैक्ट किलिंग थी। इस मामले में कांग्रेस नेता मुजाहिद आलम खान, उनके पिता महबूब आलम खान समेत 7 लोगों को गिरफ्तार किया गया है। घटना के बाद तेलंगाना कांग्रेस अनुशासन समिति ने दोनों नेताओं को पार्टी से निलंबित कर दिया है।
सुबह तैरने जाते समय मारी थी टक्कर
पुलिस कमिश्नर वीसी सज्जनार के मुताबिक, 23 मई की सुबह खाजा मोइजुद्दीन अपने घर से स्विमिंग के लिए निकले थे। तभी बिना नंबर प्लेट वाली हरे रंग की स्कॉर्पियो ने उन्हें तेज रफ्तार से टक्कर मार दी और फरार हो गई। गंभीर हालत में उन्हें पहले महावीर अस्पताल और बाद में दूसरे निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई।
वक्फ संपत्तियों को लेकर चल रहा था विवाद
पुलिस जांच में सामने आया कि खाजा मोइजुद्दीन और आरोपी परिवार के बीच मलाकपेट और लकड़ीकापुल की वक्फ संपत्तियों को लेकर कई वर्षों से कानूनी विवाद चल रहा था। पुलिस के अनुसार, लगातार कानूनी हार और विवादों से नाराज होकर आरोपियों ने करीब 15 लाख रुपये देकर हत्या की साजिश रची।
CCTV फुटेज से खुला राज
शुरुआत में मामले को सड़क हादसा माना गया था, लेकिन CCTV फुटेज की जांच में खुलासा हुआ कि स्कॉर्पियो पहले से ही वकील के घर के बाहर इंतजार कर रही थी। पुलिस ने बताया कि जनवरी 2026 से ही आरोपी वकील की गतिविधियों पर नजर रख रहे थे। हत्या के लिए सेकेंड हैंड स्कॉर्पियो खरीदी गई थी और कई लोगों को साजिश में शामिल किया गया।
पुलिस ने बरामद किए सबूत
पुलिस ने हत्या में इस्तेमाल स्कॉर्पियो, 10.10 लाख रुपये नकद और कई मोबाइल फोन बरामद किए हैं। पुलिस का कहना है कि अभी कुछ आरोपी फरार हैं और मामले की जांच जारी है। गिरफ्तार आरोपियों पर हत्या और आपराधिक साजिश समेत गंभीर धाराओं में केस दर्ज किया गया है।























