रायपुर :- आजकल शादियों में लग्जरी कारों, डीजे और भव्य आयोजन का चलन बढ़ता जा रहा है, वहीं छत्तीसगढ़ के गरियाबंद में दूल्हा पवन ध्रुव ने अपनी शादी को खास बनाने के लिए पुरानी परंपरा को अपनाया और बैलगाड़ी पर सवार होकर अपनी दुल्हन को लेने पहुंचा।दूल्हा पवन ध्रुव ने इस अनोखी पहल के जरिए समाज को यह संदेश दिया कि आधुनिकता के दौर में भी अपनी जड़ों से जुड़े रहना जरूरी है।
ग्रामीणों ने इस अनूठी पहल का गर्मजोशी से स्वागत किया और फूलों की वर्षा कर दूल्हे और बारातियों का अभिनंदन किया। बिना डीजे और तेज आवाज के, पूरी बारात पारंपरिक ढंग से, शांति और सादगी के साथ आगे बढ़ती रही।बुजुर्गों ने इसे अपने पुराने दिनों की याद बताते हुए कहा कि पहले इसी तरह सादगी और संस्कारों के साथ शादियां हुआ करती थीं।
ग्रामीणों और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने दूल्हे और उसके परिवार की इस पहल की सराहना करते हुए कहा है कि इस तरह के आयोजन नई पीढ़ी को अपनी संस्कृति और जड़ों से जोड़ने का काम करते हैं।सोशल मीडिया पर भी इस अनोखी बारात की तस्वीरें और वीडियो तेजी से वायरल हो रहे हैं। लोग इसे एक प्रेरणादायक कदम बताते हुए सराहना कर रहे हैं और कह रहे हैं कि सादगी में ही असली सुंदरता और खुशी छिपी होती है।



















