रायपुर : छत्तीसगढ़ के नक्सल प्रभावित सुकमा जिले में तैनात केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) के असिस्टेंट कमांडेंट रॉकी कसाला ने अपनी मेहनत और दृढ़ संकल्प से एक बड़ी उपलब्धि हासिल की है। रॉकी कसाला का चयन संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) की प्रतिष्ठित सिविल सेवा परीक्षा में हुआ है, जिसमें उन्होंने 542वीं रैंक प्राप्त की है। उनकी सफलता से सीआरपीएफ के जवानों और अधिकारियों के बीच खुशी का माहौल है।
रॉकी कसाला मूल रूप से उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद के रहने वाले हैं। पिछले तीन वर्षों से वे सुकमा जिले के अति संवेदनशील और नक्सल प्रभावित जगरगुंडा इलाके में तैनात रहे हैं। इस दौरान उन्होंने कई बड़े एंटी-नक्सल ऑपरेशनों में सक्रिय भूमिका निभाई। जानकारी के मुताबिक, वे नक्सली कमांडर हिड़मा और देवा के खिलाफ चलाए गए ऑपरेशनों में भी शामिल रहे हैं। वर्तमान में उनकी तैनाती सुकमा जिले के कुंदेड़ स्थित सीआरपीएफ कैंप में है।
कठिन ड्यूटी और लगातार ऑपरेशनों के बीच रॉकी कसाला ने अपनी पढ़ाई भी जारी रखी। नक्सल प्रभावित क्षेत्र में तैनाती के दौरान जहां एक ओर उन्हें गश्त और सुरक्षा संबंधी जिम्मेदारियां निभानी पड़ती थीं, वहीं दूसरी ओर वे समय निकालकर यूपीएससी परीक्षा की तैयारी करते रहे। सीमित संसाधनों और चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों के बावजूद उन्होंने हार नहीं मानी और लगातार प्रयास करते रहे।
रॉकी कसाला ने बताया कि उन्होंने यूपीएससी परीक्षा तीन बार दी। पहले प्रयास में वे सफल नहीं हो पाए, जबकि दूसरे प्रयास में इंटरव्यू तक पहुंचने के बावजूद अंतिम चयन से चूक गए थे। इसके बावजूद उन्होंने हिम्मत नहीं हारी और तीसरे प्रयास में आखिरकार सफलता हासिल कर ली। उनका कहना है कि कठिन परिस्थितियों में भी अगर लक्ष्य स्पष्ट हो और मेहनत जारी रखी जाए तो सफलता जरूर मिलती है।
उनकी इस उपलब्धि से सीआरपीएफ कैंप में जश्न का माहौल है। साथियों ने मिठाई बांटकर उनकी सफलता का जश्न मनाया और उन्हें बधाई दी। अधिकारियों ने भी उनकी लगन और मेहनत की सराहना करते हुए इसे प्रेरणादायक बताया है।






















