रायगढ़ : रायगढ़ पुलिस ने फर्जी मैट्रिमोनियल साइट के नाम पर चल रहे बड़े साइबर ठगी गिरोह का खुलासा किया है। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक शशि मोहन सिंह को मिली सूचना के आधार पर पुलिस टीम ने दरोगापारा स्थित निधि परिवहन केंद्र में छापा मारकर इस संगठित रैकेट का भंडाफोड़ किया है।
पहले ही निरस्त हो चुकी थी आईडी
जांच में सामने आया कि केंद्र संचालक कपिल गर्ग पहले लोक सेवा केंद्र के माध्यम से आरटीओ से जुड़े कार्य करता था, लेकिन उसकी आईडी एक माह पहले ही निरस्त हो चुकी थी। इसके बावजूद वह फर्जी तरीके से इंडिया मैट्रिमोनी नाम से ऑनलाइन प्लेटफॉर्म संचालित कर लोगों को विवाह प्रस्ताव के नाम पर ठग रहा था। गिरोह में शामिल युवतियां फर्जी जीमेल आईडी और मोबाइल नंबर के जरिए यूट्यूब चैनल बनाकर आकर्षक प्रोफाइल, फोटो और वीडियो अपलोड करती थीं।
ऐसे ऐंठते थे मोटी रकम
इसके बाद इच्छुक लोगों से संपर्क कर उनका बायोडाटा लिया जाता और रजिस्ट्रेशन फीस यूपीआई के माध्यम से वसूली जाती। आगे बातचीत और मीटिंग कराने के नाम पर भी अलग-अलग बहानों से रकम ऐंठी जाती थी। ठगी की रकम लेने के बाद आरोपियों द्वारा पीड़ितों से यह कहकर संपर्क तोड़ दिया जाता था कि संबंधित युवती को रिश्ता पसंद नहीं आया।
लैपटॉप समेत कई सामग्री जब्त
पुलिस ने जांच के दौरान लैपटॉप, फोटोशॉप सॉफ्टवेयर के जरिए दस्तावेजों में छेड़छाड़ के सबूत, शासकीय सील-मुहर और अन्य सामग्री जब्त की है। मामले में एक अन्य स्थान, शांति देवी सोसायटी ऑफ एजुकेशन केंद्र पर भी छापेमारी की गई, जहां से इस नेटवर्क के और तार जुड़े मिले। पुलिस सभी आरोपियों से पूछताछ कर आगे की जांच में जुटी है।





















