बलरामपुर : छत्तीसगढ़ के बलरामपुर जिले के करोंधा थाना क्षेत्र स्थित हंसपुर गांव में बुजुर्ग की कथित पिटाई से मौत के मामले में बड़ा अपडेट सामने आया है। इस मामले ने अब नया और चौंकाने वाला मोड़ ले लिया है। परिजनों ने पहले शव लेने के बाद अचानक यू-टर्न लेते हुए राजनीतिक दल के साथ धरने पर बैठने का फैसला कर लिया। घटनाक्रम से क्षेत्र में तनाव की स्थिति बनी हुई है।
शव लेने के बाद बदला रुख
सूत्रों के मुताबिक, परिजनों ने पोस्टमार्टम प्रक्रिया पूरी होने के बाद शव प्राप्त कर लिया था। इस दौरान का एक एक्सक्लूसिव वीडियो भी सामने आया है, जिसमें मृतक का बेटा शव लेते हुए स्पष्ट रूप से नजर आ रहा है। वीडियो में शव वाहन को मृतक के घर के लिए रवाना होते हुए भी देखा जा सकता है। बताया जा रहा है कि यह वीडियो कल शाम करीब 5 बजे का है।हालांकि, कुछ ही समय बाद घटनाक्रम ने अप्रत्याशित मोड़ ले लिया। परिजनों ने शव को अंतिम संस्कार के लिए घर ले जाने के बजाय राजनीतिक दल के साथ धरने पर बैठने का निर्णय लिया। इसके बाद मामला तेजी से राजनीतिक रंग लेने लगा।
प्रशासनिक अधिकारी पर गंभीर आरोप
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। पुलिस ने कुसमी के तत्कालीन एसडीएम करुण डहरिया सहित कुल चार लोगों को गिरफ्तार किया है। आरोप है कि अवैध उत्खनन की कार्रवाई के नाम पर ग्रामीणों के साथ मारपीट की गई, जिसके चलते एक बुजुर्ग की मौत हो गई।पुलिस के अनुसार, घटना के बाद पूरे क्षेत्र में भारी तनाव का माहौल बन गया था। स्थानीय लोगों में आक्रोश देखा गया, जिसके चलते प्रशासन और पुलिस लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं।
पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद एफआईआर
जानकारी के अनुसार, पुलिस मृतक की शॉर्ट पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार कर रही थी। दोपहर करीब 3:30 बजे रिपोर्ट सामने आने के बाद एफआईआर दर्ज करने की प्रक्रिया शुरू की गई। करीब डेढ़ घंटे तक चली जांच और गवाहों के बयानों के आधार पर पुलिस ने साक्ष्य जुटाए।
नामजद आरोपी और गिरफ्तारी
मामले में वैभव बैंकर, पुलिस अधीक्षक, बलरामपुर ने प्रेस नोट जारी कर कार्रवाई की पुष्टि की। पुलिस ने चार लोगों के खिलाफ नामजद हत्या का अपराध दर्ज किया है। गिरफ्तार आरोपियों में करुण डहरिया के अलावा विक्की सिंह, मंजीत यादव और सुदीप यादव शामिल हैं।
शव वाहन चालक का दावा
इस बीच शव वाहन के चालक ने भी महत्वपूर्ण बयान दिया है। चालक का कहना है कि शव को मृतक के घर के लिए रवाना किया गया था। चालक के इस बयान और सामने आए वीडियो ने घटनाक्रम को और अधिक चर्चा में ला दिया है।
धरना और बढ़ता विवाद
परिजनों के यू-टर्न के बाद मामला पूरी तरह से राजनीतिक स्वरूप ले चुका है। अब तक शव को अंतिम रूप से ग्रहण नहीं किया गया है। धरने के चलते क्षेत्र में स्थिति संवेदनशील बनी हुई है। प्रशासन और पुलिस दोनों ही हालात पर करीबी नजर बनाए हुए हैं।
पूरे प्रदेश में चर्चा
एक वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी पर हत्या जैसे गंभीर आरोप लगने से पूरे प्रदेश में हलचल मच गई है। यह मामला कानून-व्यवस्था, प्रशासनिक कार्रवाई और राजनीतिक हस्तक्षेप – तीनों पहलुओं से अत्यंत संवेदनशील बन चुका है।






















