रायपुर : छत्तीसगढ़ की राजनीति में इन दिनों एक मोबाइल फोन ने हलचल मचा दी है। कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष दीपक बैज का मोबाइल कांग्रेस की एक बैठक के दौरान राजीव भवन से रहस्यमयी तरीके से गायब हो गया, और अब यह घटना सियासी तकरार का कारण बन गई है।
बैठक के बाद मोबाइल की गुमशुदगी की शिकायत थाने में दर्ज करा दी गई है। पीसीसी चीफ दीपक बैज ने कहा,
“बैठक के बाद मुझे मोबाइल नहीं मिला। शायद कहीं रखकर भूल गया हूँ। फोन में कोई खास चीज़ नहीं थी, बस गांव और दिल्ली के कॉन्टैक्ट नंबर थे।”
लेकिन जहां कांग्रेस इस घटना को लेकर गंभीर है, वहीं भाजपा ने इसे लेकर जमकर तंज कसा है।
डिप्टी सीएम विजय शर्मा का तंज:
डिप्टी मुख्यमंत्री विजय शर्मा ने इस मसले को लेकर कांग्रेस पर सवालों की बौछार कर दी। उन्होंने कहा:
“कांग्रेसियों को अपने संस्कार ठीक रखने चाहिए। जब बैठक में सिर्फ तय लोग मौजूद थे, तो फोन कहां गया? राजीव भवन में CCTV क्यों नहीं लगे हैं? अब सरकार इसके लिए कानून लेकर आएगी।”
विजय शर्मा ने यह भी कहा कि कांग्रेस को अपने संगठन की भीतरी गड़बड़ी पर आत्मचिंतन करना चाहिए।
वन मंत्री केदार कश्यप का हमला:
भाजपा के वरिष्ठ आदिवासी नेता और कैबिनेट मंत्री केदार कश्यप ने तो यहां तक कह दिया:
“दीपक बैज साफ-साफ बताएं कि उन्हें शक किस पर है—भूपेश बघेल या टी.एस. सिंहदेव पर?”
दीपक बैज का पलटवार:
विजय शर्मा के बयानों पर पलटवार करते हुए पीसीसी चीफ दीपक बैज ने कहा:
“मोबाइल मेरा गुम हुआ है, लेकिन चिंता BJP को हो रही है! भाजपा को प्रदेश की चिंता करनी चाहिए, ना कि मेरे फोन की।राजीव भवन से मोबाइल गायब होना जरूर चिंताजनक है, लगता है कुछ असामाजिक तत्व बैठक में घुस आए थे। अगर विजय शर्मा को इतनी ही चिंता है, तो आकर फोन चेक कर लें।”
CCTV और राधिका खेड़ा प्रकरण की याद दिलाई गई:
विजय शर्मा ने इस मौके पर राधिका खेड़ा कांड की भी याद दिलाई, जब कांग्रेस कार्यालय में ही महिला नेता के साथ कथित दुर्व्यवहार का मामला सामने आया था। उन्होंने कहा:
“राजीव भवन में CCTV अब तक नहीं लगाए गए, आखिर कांग्रेस इससे बच क्यों रही है?”






















