रायपुर : राजधानी रायपुर के बहुचर्चित भाई हत्याकांड में कोर्ट ने बड़ा फैसला सुनाया है। दो साल पहले अपने ही छोटे भाई की गोली मारकर हत्या करने वाले करोड़पति कारोबारी को अदालत ने उम्रकैद की सजा सुनाई है। इसके साथ ही आरोपी को अवैध हथियार रखने के मामले में भी दोषी ठहराया गया है।इस मामले में शासन की ओर से लोक अभियोजक बसंत गोड़ ने सशक्त पैरवी की। कोर्ट में पेश किए गए गवाहों, फॉरेंसिक रिपोर्ट, घटनास्थल से बरामद पिस्टल और आरोपी के स्वीकारोक्ति बयान के आधार पर न्यायालय ने यह फैसला सुनाया।
25 फरवरी 2024 की रात हुआ था सनसनीखेज मर्डर
घटना 25 फरवरी 2024 की देर रात की है। रायपुर के सफायर ग्रीन फेज-2 कॉलोनी में पुलिस को सूचना मिली थी कि एक बड़े भाई ने अपने छोटे भाई की गोली मारकर हत्या कर दी है। मौके पर पहुंची पुलिस को घर के कमरे में पराग झा की खून से लथपथ लाश मिली थी। सिर में गोली लगने से उसकी मौके पर ही मौत हो गई थी। कमरे के फर्श और दीवारों पर खून फैला हुआ था, जिससे घटना की भयावहता साफ झलक रही थी।
कारोबारी भाई ने मां को किया वीडियो कॉल
हत्या के बाद आरोपी पीयूष झा ने अपनी मां को वीडियो कॉल किया और अपने भाई की लाश दिखाकर कहा कि उसने उसे मार दिया है। शुरुआत में मां को लगा कि बेटा मजाक कर रहा है, लेकिन वीडियो कॉल देखकर उनके होश उड़ गए।मां ने तत्काल पुलिस को सूचना दी। इसके बाद विधानसभा थाना पुलिस की टीम मौके पर पहुंची और शहरभर में नाकेबंदी कर आरोपी की तलाश शुरू की गई।
पिस्टल लेकर कार से घूमता रहा आरोपी
हत्या के बाद पीयूष झा पिस्टल लेकर अपनी कार से शहर में घूमता रहा। पुलिस ने मोबाइल लोकेशन और वाहन की जानकारी के आधार पर डीडी नगर इलाके से आरोपी को गिरफ्तार किया।आरोपी के पास से घटना में इस्तेमाल की गई पिस्टल बरामद की गई। जांच में सामने आया कि पिस्टल का कोई लाइसेंस नहीं था, जो अवैध हथियार की श्रेणी में आती है।
दोनों भाई साथ चलाते थे ड्रोन कंपनी
जानकारी के अनुसार, पीयूष झा और पराग झा दोनों एक ही घर में रहते थे और साथ मिलकर ड्रोन निर्माण से जुड़ी स्टार्टअप कंपनी चला रहे थे।पीयूष झा एयरोनॉटिकल इंजीनियर था। उसने रायपुर की एक निजी यूनिवर्सिटी से इंजीनियरिंग की पढ़ाई की थी। शुरुआत में महज 45 हजार रुपए से शुरू किया गया कारोबार दो साल में बढ़कर करीब 3.50 करोड़ रुपए तक पहुंच गया था।
शराब की लत और पारिवारिक तनाव बना विवाद की वजह
पुलिस जांच में सामने आया कि पीयूष झा शराब की लत का शिकार था। उसकी निजी जिंदगी में तनाव था, शादी टूट चुकी थी और कारोबार को लेकर भी दबाव बना हुआ था।घटना वाली रात शराब पीने के बाद दोनों भाइयों के बीच पुरानी बातों को लेकर झगड़ा हुआ। बहस इतनी बढ़ गई कि मामला मारपीट तक पहुंच गया।
गुस्से में उठाया खौफनाक कदम
पुलिस को दिए बयान में पीयूष झा ने कबूल किया कि झगड़े के दौरान उसने अलमारी में रखी पिस्टल निकाल ली। गुस्से में आकर उसने अपने ही छोटे भाई पर तीन गोलियां चला दीं, जिनमें से एक गोली सीधे सिर में लगी।गोली लगते ही पराग जमीन पर गिर पड़ा और उसकी मौके पर ही मौत हो गई।
उम्रकैद की सजा सुनाकर कोर्ट ने दिया सख्त संदेश
कोर्ट ने कहा कि यह मामला केवल पारिवारिक विवाद नहीं, बल्कि समाज के लिए गंभीर संदेश देने वाला अपराध है। अपने ही भाई की गोली मारकर हत्या करना अत्यंत निंदनीय है।इसके बाद न्यायालय ने आरोपी पीयूष झा को उम्रकैद की सजा सुनाते हुए जेल भेजने का आदेश दिया।






















