कांकेर : छत्तीसगढ़ के कांकेर जिले में हुए IED ब्लास्ट ने एक बार फिर नक्सल प्रभावित क्षेत्र की सच्चाई को सामने ला दिया है। इस दर्दनाक घटना में चार जवानों ने अपनी जान देश के नाम कर दी। शहादत की इस खबर ने न सिर्फ पुलिस महकमे, बल्कि पूरे इलाके को गमगीन कर दिया है।इन शहीदों में कांकेर जिले के हराडुला गांव निवासी संजय कुमार गढ़पाले भी शामिल हैं, जिनकी कहानी सुनकर हर किसी की आंखें नम हो रही हैं। महज 15 दिन पहले ही उनकी सगाई हुई थी और परिवार में शादी की तैयारियां शुरू होने वाली थीं। जनवरी 2027 में उनकी शादी तय थी, लेकिन इससे पहले ही घर में खुशियों की जगह मातम छा गया।
देश सेवा का सपना, जो शहादत में बदल गया
संजय कुमार गढ़पाले का जन्म 14 फरवरी 1997 को एक साधारण परिवार में हुआ था। बचपन से ही उनके मन में देश सेवा का जज्बा था। उन्होंने सेना में भर्ती होने का सपना देखा और इसके लिए कड़ी मेहनत भी की। बाद में उन्होंने बस्तर फाइटर भर्ती में हिस्सा लिया और 9 फरवरी 2022 को उनकी नियुक्ति हुई।प्रशिक्षण पूरा करने के बाद संजय लगातार नक्सल विरोधी अभियानों में सक्रिय भूमिका निभा रहे थे। अपनी जिम्मेदारी को उन्होंने हमेशा पूरी ईमानदारी और साहस के साथ निभाया। लेकिन 2 मई 2026 को हुए IED ब्लास्ट ने उनकी जिंदगी की कहानी को अधूरा छोड़ दिया।
परिवार की उम्मीद थे संजय, अब छाया मातम
संजय अपने चार सदस्यीय परिवार में सबसे बड़े बेटे थे। उनके पिता सुरेश गढ़पाले गांव में एक छोटी सी साइकिल दुकान चलाकर परिवार का पालन-पोषण करते हैं। बेटे की सगाई के बाद परिवार में खुशियों का माहौल था, लेकिन अचानक आई इस दुखद खबर ने सब कुछ बदल दिया।गांव हराडुला में शोक की लहर है। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है और हर आंख नम है। जिस घर में शादी की तैयारियां होने वाली थीं, वहां अब मातम पसरा हुआ है।
पूरा प्रदेश शोक में, शहीदों को श्रद्धांजलि
इस घटना के बाद पूरे क्षेत्र में शोक और गुस्से का माहौल है। लोगों ने शहीद जवानों को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए उनके बलिदान को नमन किया है।यह घटना एक बार फिर याद दिलाती है कि देश की सुरक्षा में तैनात जवान किस तरह हर दिन अपनी जान जोखिम में डालते हैं। संजय कुमार गढ़पाले जैसे जवानों की शहादत हमेशा देश को गर्व और परिवार को अपार पीड़ा देकर जाती है।





















