अंबिकापुर : सुरक्षा व्यवस्था को लेकर एक बड़ा सवाल खड़ा करने वाली घटना सामने आई है। शहर के अति संवेदनशील माने जाने वाले कलेक्ट्रेट परिसर में स्थित हनुमान मंदिर में तड़के चोरों ने धावा बोल दिया। इस घटना ने प्रशासनिक महकमे के साथ-साथ आम लोगों को भी हैरान कर दिया है, क्योंकि यह मंदिर जिले के प्रमुख सरकारी कार्यालयों के बीच स्थित है। प्राप्त जानकारी के अनुसार, आज तड़के करीब तीन नकाबपोश चोर मंदिर परिसर में घुसे और दान पेटी को निशाना बनाया। चोरों ने बड़ी ही सफाई से दान पेटी से नकदी रकम चोरी कर ली और मौके से फरार हो गए।
चोरी की पूरी घटना मंदिर में लगे सीसीटीवी कैमरों में कैद हो गई है, जिसमें तीनों आरोपी नकाब पहने नजर आ रहे हैं। सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि जिस स्थान पर यह चोरी हुई, वह कलेक्ट्रेट परिसर है और मंदिर से मात्र 50 मीटर की दूरी पर पुलिस अधीक्षक (एसपी) कार्यालय स्थित है। इसके बावजूद चोरों का बेखौफ होकर चोरी की घटना को अंजाम देना सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करता है। स्थानीय लोगों और कर्मचारियों का कहना है कि यदि इतनी सुरक्षित मानी जाने वाली जगह पर चोरी हो सकती है, तो आम इलाकों की स्थिति का अंदाजा लगाया जा सकता है।
मंदिर के पुजारी ने सुबह पूजा के दौरान दान पेटी खुली और सामान बिखरा हुआ देखा, जिसके बाद उन्होंने तुरंत इसकी जानकारी संबंधित अधिकारियों को दी। पुजारी ने बताया कि मंदिर में रोजाना बड़ी संख्या में श्रद्धालु दर्शन के लिए आते हैं और दान पेटी में नियमित रूप से चढ़ावा चढ़ाया जाता है। चोरी की इस घटना से श्रद्धालुओं की भावनाओं को भी ठेस पहुंची है। हालांकि घटना की जानकारी दिए जाने के बावजूद खबर लिखे जाने तक मौके पर कोई भी पुलिस टीम नहीं पहुंची थी। पुलिस की इस देरी को लेकर लोगों में नाराजगी देखी जा रही है।
कलेक्ट्रेट परिसर में कार्यरत कर्मचारियों और आसपास मौजूद लोगों का कहना है कि इस तरह की लापरवाही से अपराधियों के हौसले और बढ़ सकते हैं। स्थानीय नागरिकों और मंदिर से जुड़े लोगों ने मांग की है कि सीसीटीवी फुटेज के आधार पर जल्द से जल्द आरोपियों की पहचान कर उन्हें गिरफ्तार किया जाए। साथ ही कलेक्ट्रेट परिसर और उसके आसपास सुरक्षा व्यवस्था को और सख्त करने की जरूरत बताई जा रही है। रात के समय गश्त बढ़ाने, अतिरिक्त सुरक्षा कर्मियों की तैनाती और धार्मिक स्थलों की सुरक्षा पर विशेष ध्यान देने की मांग भी उठ रही है।






















