कोंडागांव : छत्तीसगढ़ के कोण्डागांव जिले से एक दिल दहला देने वाला मामला सामने आया है, जहां फरसगांव थाना क्षेत्र में रहस्यमयी ढंग से लापता हुई एक मां और उसके दो साल के बच्चे की हत्या का सनसनीखेज खुलासा हुआ है। पुलिस जांच में यह स्पष्ट हो गया है कि इस दोहरे हत्याकांड का मुख्य आरोपी कोई और नहीं, बल्कि महिला का पति ही है, जिसने अपने दोस्तों और परिजनों के साथ मिलकर इस जघन्य वारदात को अंजाम दिया।
मामला फरसगांव थाना क्षेत्र का है। जानकारी के अनुसार, ग्राम सिरपुर निवासी भगवती सेठिया अपने दो वर्षीय बेटे के साथ 20 नवंबर से लापता थी। शुरुआत में यह मामला सामान्य गुमशुदगी का प्रतीत हो रहा था, लेकिन जैसे-जैसे जांच आगे बढ़ी, परत-दर-परत एक खौफनाक साजिश सामने आती गई। भगवती के मायके पक्ष को इस लापता होने की जानकारी 3 दिसंबर को मिली, जिसके बाद परिवार में हड़कंप मच गया। परिजनों ने आरोप लगाया कि भगवती के ससुराल पक्ष द्वारा उसके साथ लगातार मारपीट और प्रताड़ना की जाती थी।
इस संबंध में पहले भी सामाजिक स्तर पर बैठक हो चुकी थी, लेकिन हालात में कोई सुधार नहीं हुआ। भगवती का विवाह गुहाबोरण्ड निवासी रोहित सेठिया से हुआ था और वह अपने पति व बच्चे के साथ ससुराल में रह रही थी। लगातार अनहोनी की आशंका को देखते हुए 6 दिसंबर को फरसगांव थाने में भगवती और उसके बेटे की गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई गई। इसके बाद पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच शुरू की। जांच के दौरान पुलिस को आरोपी पति रोहित सेठिया के बयानों में लगातार विरोधाभास मिला।
उसने फिल्म ‘दृश्यम’ की तर्ज पर एक झूठी कहानी गढ़कर पुलिस को गुमराह करने की कोशिश की, लेकिन सख्ती से पूछताछ करने पर सारा सच सामने आ गया। पुलिस जांच में खुलासा हुआ कि आरोपी रोहित सेठिया ने अपने दो दोस्तों के साथ मिलकर पत्नी भगवती और मासूम बच्चे की हत्या कर दी थी। इतना ही नहीं, इस अपराध में आरोपी के परिवार के अन्य सदस्य भी शामिल पाए गए। पुलिस ने इस मामले में पति रोहित सेठिया के साथ उसकी मां, पिता, भाई, मामा, एक दोस्त और उसकी प्रेमिका समेत कुल 7 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि यह मामला बेहद गंभीर और संवेदनशील है।
जांच के दौरान मिले साक्ष्यों और बयानों के आधार पर आगे और भी आरोपियों की गिरफ्तारी हो सकती है। फिलहाल सभी आरोपियों से गहन पूछताछ की जा रही है और हत्या से जुड़े हर पहलू की बारीकी से जांच की जा रही है। इस घटना के सामने आने के बाद क्षेत्र में आक्रोश का माहौल है। परिजन और सामाजिक संगठनों ने आरोपियों को फांसी की सजा देने और उनके घरों पर बुलडोजर चलाने की मांग को लेकर नारेबाजी की। लोगों का कहना है कि इस तरह के जघन्य अपराध करने वालों के खिलाफ कड़ी से कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए, ताकि समाज में एक सख्त संदेश जाए।






















