बलरामपुर : वाड्रफनगर से वित्तीय अनियमितता से जुड़ी एक बड़ी खबर सामने आई है। बलरामपुर-रामानुजगंज जनपद पंचायत वाड्रफनगर में शासकीय राशि के गबन के मामले में पुलिस ने महत्वपूर्ण कार्रवाई करते हुए तत्कालीन मुख्य कार्यपालन अधिकारी (CEO) श्रवण कुमार मरकाम को गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी को न्यायालय में पेश करने के बाद न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया है। इस कार्रवाई के बाद स्थानीय प्रशासनिक महकमे में हलचल तेज हो गई है।
पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, यह मामला वर्ष 2014-15 का है, जिसमें करीब 30 लाख रुपए की शासकीय राशि के फर्जीवाड़े और हेराफेरी का आरोप सामने आया था। जांच में खुलासा हुआ कि उस समय पदस्थ CEO श्रवण मरकाम पर कूटरचित दस्तावेज तैयार कर शासकीय निधि का दुरुपयोग करने के गंभीर आरोप हैं। मामले की शिकायत के बाद प्रारंभिक जांच की गई, जिसमें कई वित्तीय अनियमितताओं के संकेत मिले थे। बताया जा रहा है कि श्रवण मरकाम वर्ष 2013-14 के दौरान जनपद पंचायत वाड्रफनगर में CEO के पद पर पदस्थ थे।
इसी कार्यकाल के दौरान कथित रूप से शासकीय योजनाओं और विकास कार्यों के नाम पर राशि का गबन किया गया। जांच एजेंसियों द्वारा दस्तावेजों और खातों की विस्तृत समीक्षा के बाद आरोपी की भूमिका संदिग्ध पाई गई। इसके आधार पर पुलिस ने अपराध पंजीबद्ध कर विवेचना शुरू की थी। पुलिस सूत्रों के अनुसार, आरोपी श्रवण मरकाम लंबे समय से फरार चल रहे थे। वाड्रफनगर पुलिस चौकी की टीम ने गुप्त सूचना के आधार पर दबिश देकर उन्हें गिरफ्तार किया।
गिरफ्तारी के बाद आरोपी से पूछताछ की गई, जिसमें कई अहम जानकारियां मिलने की बात कही जा रही है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले की विवेचना अभी जारी है और आगे और खुलासे होने की संभावना है। इस प्रकरण में पहले ही चार अन्य आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेजा जा चुका है। पुलिस का दावा है कि वित्तीय गड़बड़ी के इस मामले में कई लोगों की संलिप्तता सामने आई है, जिनकी भूमिका की जांच की जा रही है। शेष आरोपियों की तलाश के लिए विशेष टीम गठित की गई है।






















