रायपुर : मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने अपने कारकेड में बड़ी कटौती की है। पहले मुख्यमंत्री के काफिले में 13 गाड़ियां शामिल रहती थीं, जिसे घटाकर अब 8 कर दिया गया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि आने वाले समय में ई-व्हीकल के इस्तेमाल को भी बढ़ावा दिया जाएगा। इससे पहले वित्त मंत्री ओपी चौधरी भी अपने काफिले और प्रोटोकॉल वाहनों में कटौती का फैसला ले चुके हैं। छत्तीसगढ़ सरकार में सादगी और संसाधनों के संतुलित उपयोग को लेकर नई पहल देखने को मिल रही है।
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने अपने कारकेड में कटौती करते हुए बड़ा संदेश दिया है। मुख्यमंत्री के काफिले में पहले 13 गाड़ियां शामिल रहती थीं, लेकिन अब इसे घटाकर 8 कर दिया गया है। मुख्यमंत्री के इस फैसले को प्रशासनिक सादगी और संसाधनों के विवेकपूर्ण उपयोग की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है। रायपुर में मीडिया से चर्चा के दौरान मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि कारकेड में कटौती की गई है और आने वाले समय में सरकार ई-व्हीकल यानी इलेक्ट्रिक वाहनों के उपयोग को भी बढ़ावा दे सकती है।
उन्होंने संकेत दिए कि सरकारी उपयोग में पर्यावरण के अनुकूल वाहनों को प्राथमिकता देने की दिशा में सरकार विचार कर रही है। मुख्यमंत्री का यह कदम ऐसे समय में सामने आया है, जब देशभर में ईंधन बचत, पर्यावरण संरक्षण और सरकारी खर्चों में कटौती को लेकर लगातार चर्चा हो रही है। मुख्यमंत्री के इस फैसले को आम जनता के बीच सकारात्मक संदेश के तौर पर देखा जा रहा है। माना जा रहा है कि इससे सरकारी तंत्र में भी सादगी और जिम्मेदारी का संदेश जाएगा। इससे पहले छत्तीसगढ़ के वित्त मंत्री ओपी चौधरी भी अपने कारकेड में कटौती को लेकर चर्चा में रहे थे।
उन्होंने सुरक्षा से जुड़ी अत्यावश्यक परिस्थितियों को छोड़कर पायलट वाहन, फॉलो गाड़ी और विशेष प्रोटोकॉल का उपयोग नहीं करने का निर्णय लिया था। वित्त मंत्री ने सोशल मीडिया के माध्यम से इसकी जानकारी साझा की थी। ओपी चौधरी ने कहा था कि वर्तमान वैश्विक परिस्थितियों में हर नागरिक और जनप्रतिनिधि की जिम्मेदारी है कि संसाधनों का सोच-समझकर उपयोग किया जाए। उन्होंने प्रधानमंत्री Narendra Modi के आह्वान का समर्थन करते हुए कहा था कि देशहित सर्वोपरि है और ऐसे समय में जनप्रतिनिधियों को स्वयं उदाहरण प्रस्तुत करना चाहिए।
सरकार के वरिष्ठ नेताओं द्वारा इस तरह के फैसले जनता के बीच सकारात्मक संदेश देने का प्रयास हैं। खासकर ऐसे समय में जब आम लोग महंगाई, ईंधन की बढ़ती कीमतों और संसाधनों के सीमित उपयोग जैसे मुद्दों से जूझ रहे हैं, तब जनप्रतिनिधियों द्वारा सादगी दिखाना राजनीतिक और सामाजिक दोनों दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय द्वारा ई-व्हीकल को बढ़ावा देने की बात भी काफी अहम मानी जा रही है। यदि भविष्य में सरकारी कारकेड और विभागीय उपयोग में इलेक्ट्रिक वाहनों का इस्तेमाल बढ़ता है, तो इससे न केवल ईंधन की बचत होगी बल्कि पर्यावरण संरक्षण की दिशा में भी बड़ा कदम माना जाएगा।




















