कोरबा : छत्तीसगढ़ में भले ही सरकार बदल गयी है, लेकिन राजनेता और अफसरों की गठजोड़ से भ्रष्टाचार आज भी जारी है। ताजा मामला कोरबा के कटघोरा नगर पालिका परिषद का है। जहां पाइप लाइन का कार्य कराये बगैर ही ठेका कंपनी को 41.21 लाख रूपये भुगतान का गंभीर आरोप लगा है। कलेक्टर से इस मामले की शिकायत के बाद हड़कंप मचने के साथ ही आनन फानन में काम शुरू कराये जाने की बात सामने आ रही हैै।
जानकारी के मुताबिक जनहित के कार्यो के नाम पर लाखों रूपये के भ्रष्टाचार का ये मामला कटघोरा नगर पालिका परिषद का है। इस पूरे मामले की शिकायत कटघोरा के वार्ड क्रमांक-5 नवागांव निवासी अनिल अग्रवाल ने की है। अनिल अग्रवाल ने कलेक्टर को किये शिकायत के मुताबिक 15वें वित्त मद से नगर पालिका कटघोरा द्वारा निविदा क्रमांक 164564 के तहत 17 जनवरी 2025 को 41.21 लाख रुपये का कार्य आबंटित किया गया था।
लेकिन इस कार्य के आबंटन के बाद भी हैरानी की बात यह है कि ठेका कंपनी को जिस कार्य के लिए 41.21 लाख रूपये का भुगतान किया गया, वह धरातल पर पहले किया ही नहीं गया था। कार्य कराये बगैर ही भुगतान की जानकारी के बाद अनिल अग्रवाल ने इस मामले में 6 अप्रैल 2026 को मुख्य नगर पालिका अधिकारी कटघोरा से शिकायत करते हुए सवाल उठाया था। फर्जी भुगतान की शिकायत होने के बाद नगर पालिका कटघोरा में हड़कंप मच गया।
जिसके बाद अधिकारी और ठेकेदार ने आनन फानन में नवागांव वार्ड क्रमांक 05 गौरेला मार्ग में पाइप लाइन बिछाने का कार्य शुरू किया गया। शिकायतकर्ता अनिल अग्रवाल ने अब इस पूरे मामले की शिकायत कोरबा कलेक्टर कुणाल दुदावत से की है। जिसमें उन्होने नगर पालिका परिषद में व्याप्त भ्रष्टाचार और जनहित के कार्यो में खिलवाड़ का गंभीर आरोप लगाया है। कटघोरा नगर पालिका परिषद में सामने आया यह पूरा मामला न केवल प्रशासनिक लापरवाही, बल्कि सुनियोजित भ्रष्टाचार की ओर इशारा करता है।
सवाल यह उठता है कि बिना भौतिक सत्यापन के इतनी बड़ी राशि किसके कहने पर जारी कर दी गई ? क्या जिम्मेदार अधिकारियों ने जानबूझकर आंखें मूंद लीं या फिर मिलीभगत के तहत यह खेल खेला गया ? अब देखना होगा कि जिला प्रशासन इस शिकायत पर कितनी गंभीरता से कार्रवाई करता है। यदि इस मामले में निष्पक्ष जांच कराई जाती है, तो इस भ्रष्टाचार में शामिल कई लोगों पर गाज गिरना तय माना जा रहा है।























