नई दिल्ली: क्या आपको भी बुढ़ापे को लेकर चिंता सताने लगी है? क्या आप भी सोच रहे हैं कि 60 की उम्र के बाद खर्च कैसे चलेगा? क्या कोई ऐसी पेंशन स्कीम है, जिसका फायदा आर्थिक रूप से कमजोर लोग भी उठा सकते हैं? तो आपको अब टेंशन लेने की जरूरत नहीं है।
केंद्र सरकार की अटल पेंशन योजना (APY) एक ऐसा वरदान साबित हो रही है, जिसका फायदा देशभर के करोड़ों लोग उठा रहे हैं। इस योजना में आप 60 साल की उम्र के बाद हर महीने 1,000 से लेकर 5,000 रुपये तक की गारंटीड पेंशन पा सकते हैं। यदि पति-पत्नी दोनों इस स्कीम में निवेश करते हैं, तो बुढ़ापे में 10 हजार रुपये महीने की पेंशन का पक्का जुगाड़ हो सकता है। सबसे खास बात यह है कि महज 210 रुपये महीने की छोटी से राशि से आपको 5,000 रुपये की मासिक पेंशन का हकदार बना देता है।
अटल पेंशन योजना पर सरकार का बड़ा फैसला
असंगठित क्षेत्र के मजदूरों और कामगारों के लिए शुरू की गई इस योजना को लेकर केंद्र सरकार ने हाल ही में एक महत्वपूर्ण फैसला लिया है। अब यह योजना साल 2030-31 तक जारी रहेगी। कैबिनेट की बैठक में सरकार ने अपनी ओर से फंडिंग सपोर्ट जारी रखने की मंजूरी दे दी है, जिसका मतलब है कि नए यूजर्स के पास अभी भी इस स्कीम से जुड़ने का लंबा समय है। आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, इस साल 19 जनवरी तक इस योजना से 8.66 करोड़ से ज्यादा लोग जुड़ चुके हैं।
पेंशन के साथ 8.5 लाख का फंड
अटल पेंशन योजना की सबसे बड़ी खूबी यह है कि इसमें आपके अंशदान के साथ सरकार भी अपना योगदान देती है। यदि आप समय पर निवेश शुरू करते हैं, तो 60 की उम्र के बाद आपके पास करीब 8.5 लाख रुपये का बड़ा फंड जमा हो सकता है। साल 2015 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा शुरू की गई इस योजना का मुख्य उद्देश्य समाज के उन लोगों को भविष्य की गारंटी देना है, जो इनकम टैक्स के दायरे में नहीं आते।
कौन और कैसे खुलवा सकता है खाता?
अटल पेंशन योजना (APY) पूरे देश में लागू है, लेकिन इसके कुछ अनिवार्य नियम हैं। इस योजना का लाभ 18 से 40 वर्ष की आयु का कोई भी भारतीय नागरिक उठा सकता है। हालांकि, 1 अक्टूबर 2022 के बाद से आयकर (Income Tax) भरने वाले लोग इस स्कीम में शामिल नहीं हो सकते। निवेश की राशि आपकी उम्र पर निर्भर करती है, आप जितनी कम उम्र में खाता खुलवाएंगे, प्रीमियम उतना ही कम होगा। आप अपने नजदीकी बैंक या डाकघर में जाकर आसानी से इस सुरक्षित भविष्य की शुरुआत कर सकते हैं।





















