कोरबा : छत्तीसगढ़ के कोरबा पुलिस विभाग पर इन दिनों मानो गमों का पहाड़ टूट पड़ा है। दो दिन पहले जहां पुलिसकर्मियों के तीन बच्चों की तालाब में डूबने से मौत हो गई थी, वहीं अब 48 घंटे के भीतर विभाग ने अपने दो जांबाजों को भी खो दिया। एक ओर जहां 27 वर्षीय आरक्षक की हार्ट अटैक से असमय मौत हो गई, वहीं दूसरी ओर एक संवेदनशील और कर्तव्यनिष्ठ महिला निरीक्षक ने बीमारी के चलते अंतिम सांस ली। लगातार हो रही इन मौतों ने पूरे पुलिस महकमे को गहरे शोक में डुबो दिया है।
हार्ट अटैक से गई 27 वर्षीय आरक्षक की जान
एमटी शाखा में पदस्थ आरक्षक सुरेंद्र लहरे की अचानक तबीयत बिगड़ने के बाद मौत हो गई। वे डीएसपी प्रतिभा मरकाम के ड्राइवर के रूप में भी पदस्थ थे। शनिवार को अचानक उन्हें तेज सीने में दर्द हुआ। परिजन और सहयोगी तुरंत उन्हें अस्पताल लेकर पहुंचे, लेकिन डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। सुरेंद्र लहरे की उम्र मात्र 27 वर्ष थी। शादी को कुछ ही साल हुए थे और उनके पीछे केवल 8 माह का मासूम बच्चा है। बालको सेक्टर-3 निवासी सुरेंद्र अपने मिलनसार और सौम्य स्वभाव के लिए जाने जाते थे। विभागीय अधिकारियों ने उनके निधन पर गहरा शोक जताया और परिवार को हर संभव मदद का भरोसा दिलाया।
बीमारी से जूझ रही निरीक्षक मंजूषा पांडे का निधन
इसी बीच कोरबा की वरिष्ठ पुलिस निरीक्षक मंजूषा पांडे का भी निधन हो गया। वे लंबे समय से कैंसर से जूझ रही थीं और रायपुर के एक अस्पताल में उपचाररत थीं। शनिवार को उन्होंने अंतिम सांस ली। 2008 बैच की निरीक्षक मंजूषा पांडे को कोरबा पुलिस में एक कर्तव्यनिष्ठ और संवेदनशील अधिकारी के रूप में जाना जाता था। बालको थाना प्रभारी रहते हुए उन्होंने कई अहम मामलों को सुलझाया। उनकी सबसे बड़ी उपलब्धियों में से एक कोरबा मेडिकल कॉलेज से अपहृत दुधमुंहे बच्चे की सकुशल बरामदगी थी।
इस ऑपरेशन के बाद वे कोरबा में लोकप्रिय अधिकारी बन गई थीं। बाद में वे परिवार परामर्श केंद्र की प्रभारी भी रहीं। मंजूषा रायगढ़ की रहने वाली थीं। उनके पति मृत्युंजय पांडे वर्तमान में कोरबा के हरदी बाजार थाने में थाना प्रभारी हैं। दंपती का 9 वर्षीय बच्चा है। मूल रूप से बिलासपुर निवासी मृत्युंजय और मंजूषा की जोड़ी को पुलिस विभाग में आदर्श दंपति माना जाता था।
विभाग में शोक की लहर
लगातार हो रही मौतों से कोरबा पुलिस विभाग में मातम पसरा हुआ है। हाल ही में तीन बच्चों की डूबने से मौत और अब दो पुलिसकर्मियों की असामयिक मृत्यु ने पूरे महकमे को गहरे सदमे में डाल दिया है।कई वरिष्ठ अधिकारियों ने आरक्षक सुरेंद्र लहरे और निरीक्षक मंजूषा पांडे के निधन पर शोक जताया है। विभाग ने दोनों को अपनी बड़ी क्षति बताते हुए कहा है कि उनकी ईमानदारी और कर्तव्यनिष्ठा हमेशा याद रखी जाएगी।






















