नई दिल्ली : ईरान-अमेरिका युद्ध का असर अब सड़क से लेकर कीचन तक दिखने लगा है। कच्चे तेल की कीमतों में लगातार हो रहे उतार चढ़ाव के चलते घरेलू बाजार में पेट्रोल-डीजल, रसोई गैस से लेकर कच्चे तेल की कीमतों में बढ़ोतरी देखने को मिल रही है। बीते कुछ महीने की बात करें तो खुदरा बाजार में बिकने वाली सभी चीजों की कीमतों में भारी इजाफा देखने को मिला है। बता दें कि पेट्रोल और डीजल महंगे होने से परिवहन लागत बढ़ी है, जिसका सीधा असर खाद्य पदार्थों और अन्य जरूरी वस्तुओं की कीमतों पर पड़ रहा है।
7.50 रुपए महंगा हुआ पेट्रोल-डीजल
बात करें देश के कई शहरों में पेट्रोल की कीमत 100 रुपए प्रति लीटर के पार पहुंच चुकी है, जबकि डीजल के दाम भी लगातार बढ़ रहे हैं। वहीं, घरेलू रसोई गैस (एलपीजी) सिलेंडर की कीमतों में भी वृद्धि दर्ज की गई है। बिना सब्सिडी वाले उपभोक्ताओं को एक सिलेंडर के लिए 1000 रुपए से अधिक भुगतान करना पड़ रहा है।
घरेलू सिलेंडर 900 के पार
देखा जाए तो भारत में पेट्रोल-डीजल की कीमतें चार साल बाद बढ़े हैं। चार बार की बढ़ोतरी में अबतक ये करीब 7.50 रुपए लीटर महंगे हो चुके हैं। इसके अलावा सीएनजी और एलपीजी के दाम में भारी बढ़ोतरी हुई है। 1 मार्च को रेट तो जारी हुए, लेकिन घरेलू सिलेंडर के दाम नहीं बढ़े। युद्ध के चलते ऑयल मार्केटिंग कंपनियों ने 7 जून को घरेलू एलपीजी सिलेंडर के नए रेट का ऐलान कर दिया। इसके तहत एलपीजी सिलेंडर के दाम में 60 रुपए का इजाफा कर दिया। इसके साथ ही दिल्ली में घरेलू सिलेंडर महंगा होकर 913 रुपए पर पहुंच गया। ठीक 3 महीने बाद दाम फिर 29 रुपए और बढ़ गए। अब दिल्ली में घरेलू एलपीजी सिलेंडर 942 रुपए का हो गया है।
कमर्शियल सिलेंडर की कीमत 3000 से ज्यादा
वहीं, ये 3 महीने कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर उपभोक्ताओं के लिए अब तक झटका वाला रहा। महज 3 महीने में 19 किलो वाला एलपीजी सिलेंडर 1740.50 रुपए से ₹3,113.50 पर पहुंच गया। यानी सिलेंडर कुल 1373 रुपए महंगा हो गया। यही सिलेंडर फरवरी में 1740.50 रुपए का था।






















