गाजियाबाद : उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद की कौशंबी थाना पुलिस ने पाकिस्तान की खूफिया एजेंसी ISI के लिए काम करने वाले गिरोह का भंडाफोड़ किया है। पुलिस ने गिरोह के 6 लोगों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने सभी लोगों को रिमांड पर लिया है। बताया जा रहा है कि, IB, UP ATS और दिल्ली स्पेशल सेल मिलकर इन सभी आरोपियों से पूछताछ कर रही है। पूछताछ के दौरान आरोपियों ने बताया कि, कुछ बड़े शहरों में दिल्ली धमाके की तरह बड़े आतंकी हमले करने का प्लान था। इन छह आरोपियों को गिरफ्तार करने के साथ ही पुलिस ने 14 और लोगों को हिरासत में लिया है।
देश के अलग-अलग जगहों पर एक्टिव है स्लीपर सेल
पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, पुलिस की जांच में ये सामने आया है कि, पाकिस्तान के कई ऐसे स्लीपर सेल देश के अलग-अलग जगहों पर इस वक्त पूरी तरह एक्टिव हो चुके हैं, जो कुछ खास जगहों की रेकी कर उनके वीडियो पाकिस्तान भेज रहे हैं। गाजियाबाद से पकड़े गए इन छह जासूसों के मोबाइल से भी पुलिस को अहम सुराग मिले हैं। अंबाला, सोनीपत, दिल्ली कैंट सहित कई रेलवे स्टेशन और सैन्य ठिकानों के आसपास जो CCTV आरोपियों ने लगाए थे, उनके जरिए एक्सेस किए गए वीडियो और फोटो को उन्होंने पाकिस्तान भेजा था।
वीडियो और फोटो भेजने के बदले मिलते थे पैसे
आरोपियों ने बताया कि, हर वीडियो और फोटो के बदले में उन्हें 3000 से 8000 रुपए मिलते थे। ये पैसे आरोपियों के फेक अकाउंट में आते थे। सुहेल नामक एक युवक और पकड़ी गई महिला महक इन सभी की मास्टरमाइंड थी। यही लोग CCTV खरीदने और दूसरे खर्चों के लिए बाकी लोगों को पैसा मुहैया करवाते थे। पुलिस पुणे, अंबाला, पंजाब और चंडीगढ़ सहित कई जगहों पर इस वक्त रेड कर रही है। खुलासा हो रहा है कि ISI से जुड़े हुए यह जासूस बहुत अहम जानकारी दे रहे थे, जिसके जरिए आतंकी हमलों को अंजाम दिया जाना था।
जांच में सामने आया है कि, आरोपियों ने दिल्ली से हाईटेक CCTV खरीद कर कई सैन्य ठिकानों और रेलवे स्टेशनों के आसपास इंस्टॉल किया था। जासूसी के लिए लगाए गए इन कैमरों से संवेदनशील जानकारी और वीडियो इकट्ठा कर रहे थे। पुलिस जांच में खुलासा हुआ कि आरोपी ऋतिक गंगवार हाईटेक CCTV कैमरे लगाने में माहिर था। इस गिरोह का मास्टरमाइंड सुहेल है, जो पाकिस्तान में बैठे लोगों के साथ सीधे संपर्क में था।
मास्टरमाइंड सुहेल मलिक मेरठ का रहने वाला
पुलिस ने सुहेल मलिक, संभल की रहनी वाली साने करम उर्फ महक, गाजियाबाद के भोवापुर निवासी प्रवीण, राज वाल्मीकि, शिव वाल्मीकि और रितिक गंगवार को 14 मार्च को गिरफ्तार किया था। पुलिस की शुरूआती जांच में सामने आया है कि, सभी आरोपी देश के कुछ अलग-अलग जिलों में स्थित सैन्य ठिकानों, रेलवे स्टेशनों और अन्य महत्वपूर्ण स्थानों के वीडियो-फोटो और लोकेशन पाकिस्तान में बैठे अपने आकाओं को भेजते थे।
पुलिस की जांच में सामने आया है कि, आरोपियों ने सोनीपत के रेलवे स्टेशन, दिल्ली कैंट इलाका, अंबाला का सैन्य स्टेशन, गाजियाबाद और दिल्ली के कुछ रेलवे और बस टर्मिनल सहित अलग-अलग जगहों के आसपास CCTV कैमरे लगाए थे। इन सभी CCTV कैमरों का सीधा एक्सेस आरोपियों के पास था, जो उन्होंने अपने मोबाइल फोन में ले रखा था।
सुहेल करता था उपकरणों की खरीदी
सुहेल ही वह शख्स है, जो जासूसी कामों में इस्तेमाल उपकरणों की खरीद और बाकी खर्च का पेमेंट जासूसी नेटवर्क के सभी सदस्यों को करता था। पुलिस ने इन आरोपियों के पास से कई महंगे मोबाइल फोन जब्त किए हैं, जिन्हें फॉरेंसिक की जांच के लिए भेजा गया है। जांच के दौरान पुलिस को पाकिस्तान कनेक्शन, चैट और लोकेशन की अहम जानकारी भी मिली है।






















