Raipur

‘भूपेश सरकार ने दी नक्सलवाद को पनाह’.. रायपुर के हाई-लेवल मीटिंग में अमित शाह ने फिर की माओवादियों से सरेंडर की अपील, पढ़ें क्या कहा

रायपुर : केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने रविवार को रायपुर में ‘ऑर्गेनाइजर’ द्वारा आयोजित व्याख्यान कार्यक्रम में शामिल हुए। इस कार्यक्रम में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय और उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा मौजूद थे। कार्यक्रम में संबोधन के दौरान उन्होंने माओवाद और विकास के मुद्दे पर अपनी बात रखी। अपने संबोधन के दौरान अमित शाह ने पूर्ववर्ती भूपेश सरकार पर कड़ा प्रहार किया। उन्होंने स्पष्ट संदेश दिया कि 31 मार्च 2026 तक देश से सशस्त्र नक्सलवाद का पूरी तरह सफाया कर दिया जाएगा।

विकास और विचारधारा पर शाह का प्रहार

अमित शाह ने माओवाद और पिछड़ेपन के बीच के पुराने तर्क को सिरे से खारिज कर दिया। उन्होंने कहा, “मैं नहीं मानता कि विकास की कमी के कारण माओवाद पनपता है। यह एक भ्रामक विचारधारा है।” उन्होंने आंकड़ों के विशेषज्ञों को चुनौती देते हुए कहा कि तुलना की जानी चाहिए कि किसके शासन में अधिक विकास हुआ। उन्होंने दावा किया कि भाजपा के कार्यकाल में छत्तीसगढ़ की अर्थव्यवस्था में 30 गुना और प्रति व्यक्ति आय में 17 गुना की अभूतपूर्व वृद्धि हुई है।

कांग्रेस और भूपेश सरकार पर निशाना

पूर्ववर्ती सरकारों पर हमला करते हुए शाह ने कहा कि कांग्रेस सरकारों ने हमेशा माओवाद को ‘प्रश्रय’ दिया, जिसके कारण छत्तीसगढ़ को हिंसा का लंबा दौर देखना पड़ा। उन्होंने कहा कि जहां कांग्रेस ने तेलंगाना जैसे राज्यों के गठन में विवाद और वितंडा खड़ा किया, वहीं भाजपा ने तीन नए राज्य बनाए और कहीं कोई झगड़ा नहीं हुआ, जो दर्शाता है कि जनता का अटूट भरोसा भाजपा पर है।

नक्सलियों से सख्त अपील

संबोधन के दौरान गृह मंत्री ने हिंसा के रास्ते पर गए लोगों, विशेषकर महिला नक्सलियों से हाथ जोड़कर प्रार्थना की: हम किसी पर गोली नहीं चलाना चाहते। आप बंदूक छोड़ दीजिए, हम लाल कालीन बिछाकर आपका स्वागत करेंगे। मुख्यधारा में लौटिए, अपना भविष्य उज्ज्वल बनाइए।”

बस्तर के लिए विज़न: ’10 साल में बनेगा रोल मॉडल

’बस्तर के भविष्य पर चर्चा करते हुए शाह ने कहा कि यदि नक्सलवाद का साया न होता, तो आज बस्तर देश का सबसे विकसित क्षेत्र होता। उन्होंने संकल्प जताया कि अगले 10 वर्षों में बस्तर देश का सबसे अग्रणी और विकसित जिला बनकर उभरेगा। उन्होंने संघ (RSS) के योगदान की सराहना करते हुए कहा कि भारत की इस विकास यात्रा में संघ का बड़ा योगदान है जिसे कोई इतिहासकार नकार नहीं सकता।

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