जांजगीर-चांपा : छत्तीसगढ़ के जांजगीर-चांपा जिले से एक बेहद संवेदनशील और झकझोर देने वाला मामला सामने आया है। मुलमुला थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम आरसमेटा में 18 वर्षीय छात्र कमलेश जायसवाल ने कथित तौर पर शिक्षकों की मानसिक प्रताड़ना से तंग आकर आत्महत्या कर ली। छात्र का शव घर के कमरे में पंखे से फांसी के फंदे पर लटका मिला। इस घटना के बाद क्षेत्र में शोक और आक्रोश का माहौल है।
घर में मिला छात्र का शव, परिवार में मातम
जानकारी के अनुसार, मृतक छात्र कमलेश जायसवाल आरसमेटा स्थित स्कूल में अध्ययनरत था। घटना की जानकारी उस समय सामने आई जब परिजनों ने उसे कमरे में काफी देर तक बाहर नहीं आते देखा। दरवाजा खोलने पर कमलेश का शव पंखे से लटका मिला। परिजन उसे तत्काल नीचे उतारकर अस्पताल ले जाने की तैयारी में थे, लेकिन तब तक उसकी मौत हो चुकी थी। घटना के बाद परिवार में कोहराम मच गया।
परिजनों का आरोप: शिक्षकों की मानसिक प्रताड़ना से परेशान था छात्र
परिजनों ने स्कूल के कुछ शिक्षकों पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि कमलेश को लगातार मानसिक रूप से प्रताड़ित किया जा रहा था, जिससे वह गहरे तनाव में था। परिजनों का दावा है कि शिक्षकों द्वारा बार-बार अपमानित करने और दबाव बनाने के कारण छात्र मानसिक रूप से टूट चुका था।
4 पन्नों का सुसाइड नोट बरामद
मामले को और गंभीर बनाते हुए परिजनों ने बताया कि मृतक छात्र ने आत्महत्या से पहले 10 से 12 पन्नों का एक सुसाइड नोट लिखा है। इस सुसाइड नोट में छात्र ने कथित रूप से मानसिक प्रताड़ना का जिक्र किया है और अपनी पीड़ा को विस्तार से लिखा है। पुलिस ने सुसाइड नोट को जब्त कर लिया है और उसकी जांच की जा रही है।
आक्रोशित परिजनों और ग्रामीणों ने किया चक्का जाम
घटना की खबर फैलते ही परिजन और ग्रामीण आक्रोशित हो गए। शिक्षकों पर कार्रवाई की मांग को लेकर ग्रामीणों ने अमोरा–आरसमेटा मार्ग पर चक्का जाम कर दिया। सड़क पर बैठे प्रदर्शनकारियों ने दोषी शिक्षकों के खिलाफ सख्त कार्रवाई और न्याय की मांग की। चक्का जाम के कारण मार्ग पर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं और यातायात पूरी तरह बाधित हो गया।
मौके पर पहुंची पुलिस, हालात संभालने की कोशिश
सूचना मिलते ही मुलमुला थाना पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस अधिकारियों ने परिजनों और ग्रामीणों से बातचीत कर उन्हें समझाने का प्रयास किया। पुलिस का कहना है कि मामले की गंभीरता को देखते हुए निष्पक्ष जांच की जाएगी और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।
स्कूल प्रशासन पर उठे सवाल
इस घटना के बाद स्कूल प्रशासन की भूमिका पर भी सवाल खड़े हो गए हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि समय रहते छात्र की परेशानी को गंभीरता से लिया जाता, तो शायद यह दुखद घटना टाली जा सकती थी। ग्रामीणों और अभिभावकों ने स्कूलों में छात्रों के साथ व्यवहार और मानसिक दबाव को लेकर ठोस दिशा-निर्देश लागू करने की मांग की है। पुलिस ने स्पष्ट किया है कि सुसाइड नोट, परिजनों के बयान और स्कूल से जुड़े तथ्यों के आधार पर पूरे मामले की जांच की जा रही है। जांच पूरी होने के बाद ही यह स्पष्ट हो पाएगा कि छात्र की आत्महत्या के पीछे किन कारणों की भूमिका रही।






















