बालोद : एक महिला के साथ कथित तौर पर सामूहिक दुष्कर्म की घटना हुई। आरोप है कि शराब पार्टी से लौट रहे तीन युवकों ने महिला को सुनसान स्थान पर ले जाकर उसके साथ गैंगरेप किया। घटना के बाद जब पीड़िता ने ग्रामीणों को इसकी जानकारी दी, तो पंचायत में समझौता कराने की कोशिश की गई और आरोपियों से पैसे लेकर मामला दबाने का प्रयास किया गया। जानकारी के अनुसार यह घटना 22 फरवरी की रात की बताई जा रही है। बताया जा रहा है कि तीन युवक शराब पार्टी से लौट रहे थे, इसी दौरान उन्होंने महिला को अकेला पाकर उसे जबरन सुनसान स्थान पर ले गए और उसके साथ सामूहिक दुष्कर्म किया। घटना के बाद पीड़िता किसी तरह वहां से निकलकर गांव पहुंची और ग्रामीणों को पूरी घटना की जानकारी दी।
पंचायत में समझौते की कोशिश
पीड़िता के अनुसार जब उसने गांव के लोगों को घटना के बारे में बताया, तो ग्रामीणों ने इस मामले में पंचायत बुलाई। आरोप है कि पंचायत में आरोपियों से 40-40 हजार रुपये का जुर्माना लेकर मामले को रफा-दफा करने की कोशिश की गई। इस दौरान पीड़िता को न्याय दिलाने के बजाय पैसे लेकर मामला दबाने का प्रयास किया गया। हालांकि पीड़िता इस फैसले से संतुष्ट नहीं थी। जब उसे न्याय नहीं मिला, तो उसने हिम्मत जुटाकर पुलिस थाने पहुंचकर पूरे मामले की शिकायत दर्ज कराई।
पुलिस ने दर्ज किया मामला
पीड़िता की शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने मामले को गंभीरता से लिया और तुरंत कार्रवाई शुरू की। इस संबंध में बालोद थाना में सामूहिक दुष्कर्म का मामला दर्ज किया गया।पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। गिरफ्तार किए गए आरोपियों को अदालत में पेश करने के बाद न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया है। वहीं तीसरा आरोपी घटना के बाद से फरार बताया जा रहा है और पुलिस उसकी तलाश में जुटी हुई है।
ग्रामीणों के खिलाफ भी कार्रवाई
इस मामले में एक और चौंकाने वाली बात सामने आई है। आरोप है कि कुछ ग्रामीणों ने आरोपियों से पैसे लेकर मामले को दबाने की कोशिश की थी। पुलिस ने इस पहलू को भी गंभीरता से लेते हुए जांच शुरू कर दी है। प्रारंभिक जांच के आधार पर लगभग एक दर्जन ग्रामीणों के खिलाफ भी मामला दर्ज किया गया है। पुलिस का कहना है कि जो भी लोग इस मामले को दबाने या समझौता कराने में शामिल पाए जाएंगे, उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी।पुलिस अधिकारियों के अनुसार पूरे मामले की गहन जांच की जा रही है। फरार आरोपी की गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी की जा रही है। साथ ही पंचायत में पैसे लेकर मामले को दबाने की कोशिश करने वाले लोगों की भूमिका की भी जांच की जा रही है।






















