नई दिल्ली : साल का पहला चंद्र ग्रहण फाल्गुन पूर्णिमा यानी आज लगने जा रहा है। इसी दिन होली का पर्व, यानी होलिका दहन भी मनाया जाएगा। इस चंद्र ग्रहण की अवधि 03 घंटे 27 मिनट की होगी और यह सिंह राशि व पूर्वाफाल्गुनी नक्षत्र में लगेगा। भारत में यह चंद्र ग्रहण दिखाई देगा और इसका सूतक काल भी मान्य रहेगा, जिससे इस ग्रहण का महत्व और बढ़ जाता है।
चंद्र ग्रहण का समय
मौसम विभाग ने बताया कि यह पूर्ण चंद्र ग्रहण 1.155 तीव्रता का महत्वपूर्ण खगोलीय घटनाक्रम होगा। यह नजारा भारत के साथ-साथ पूर्वी एशिया, ऑस्ट्रेलिया और अमेरिका में भी देखा जा सकेगा। भारतीय मानक समय (IST) के अनुसार ग्रहण दोपहर 3:20 बजे शुरू होगा। पूर्ण ग्रहण 4:34 बजे से आरंभ होकर 5:33 बजे तक रहेगा। इसके बाद ग्रहण की प्रक्रिया जारी रहेगी और पूरा चक्र शाम 6:48 बजे समाप्त होगा।
बता दें कि, साल का पहला चंद्र ग्रहण फाल्गुन पूर्णिमा के दिन लगने जा रहा है। इसी दिन होली का पर्व, यानी होलिका दहन भी मनाया जाएगा। इस चंद्र ग्रहण की अवधि 03 घंटे 27 मिनट की होगी और यह सिंह राशि व पूर्वाफाल्गुनी नक्षत्र में लगेगा। भारत में यह चंद्र ग्रहण दिखाई देगा और इसका सूतक काल भी मान्य रहेगा, जिससे इस ग्रहण का महत्व और बढ़ जाता है।
सूतक काल का समय
चंद्र ग्रहण से लगभग 9 घंटे पहले भारत में सूतक काल शुरू हो जाता है। इस साल का सूतक काल 03 मार्च की सुबह 06:20 बजे से शुरू होगा। चंद्र ग्रहण समाप्त होने के साथ ही 06:46 बजे सूतक काल भी समाप्त हो जाएगा। इस समय के दौरान सभी धार्मिक और मांगलिक काम वर्जित माने जाते हैं।
सूतक काल में वर्जित काम
सूतक काल के दौरान पूजा, हवन, यज्ञ और नए काम की शुरुआत नहीं की जाती। मंदिरों के कपाट भी बंद रहेंगे ताकि भगवान की प्रतिमाओं को कोई छू न सके। इस समय खाना बनाना या भोजन करना भी मना होता है। यह काल ग्रहण के दौरान होने वाले अशुभ प्रभावों से बचाव के लिए माना जाता है।
चंद्र ग्रहण कहां दिखाई देगा
ज्योतिषियों के अनुसार, यह चंद्र ग्रहण भारत के अधिकांश हिस्सों में दिखाई देगा। केवल देश के पश्चिमी और उत्तर-पूर्वी किनारे तथा अंडमान और निकोबार द्वीप समूह के कुछ क्षेत्रों में ग्रहण पूरी तरह नजर नहीं आएगा। बाकी जगहों पर चंद्र ग्रहण चंद्रोदय के समय स्पष्ट रूप से देखा जा सकेगा।






















