नई दिल्ली : भारत निर्वाचन आयोग ने गुरुवार को देशभर में स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) कराने की घोषणा की है। आयोग ने इस संबंध में 22 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के मुख्य निर्वाचन अधिकारियों (CEO) को तैयारी तेज करने के निर्देश दिए हैं। चुनाव आयोग ने पहले फेज में बिहार में SIR करवाया था। दूसरे फेज के तहत, 12 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में 28 अक्टूबर 2025 से SIR जारी है। असम में, SIR के बजाय स्पेशल रिवीजन 10 फरवरी को पूरा किया गया था। इसके बाद अब चुनाव आयोग ने देशभर में SIR कराने की घोषणा की है।
इन राज्यों में होगी SIR प्रक्रिया शुरू, नागरिक रखें ये तैयारी
दिल्ली, हरियाणा, हिमाचल प्रदेश, जम्मू और कश्मीर, लद्दाख, मणिपुर, मेघालय, मिजोरम, नागालैंड, ओडिशा, पंजाब, सिक्किम, त्रिपुरा, तेलंगाना और उत्तराखंड, झारखंड, महाराष्ट्र, कर्नाटक, आंध्र प्रदेश, अरुणाचल प्रदेश, चंडीगढ़, दादरा और नगर हवेली एवं दमन और दीव में एसआईआर होना है।
SIR प्रक्रिया के तहत क्या होता है?
बीएलओ आपके घर आएं तो परिवार के सदस्यों के आधार कार्ड, उम्र सर्टिफिकेट और निवास प्रमाण पत्र होना जरूरी है। इसके अलावा अगर आपके परिवार में किसी सदस्य की उम्र 18 साल हो गई है, तो उसका नाम मतदाता सूची में जोड़ा जा सकता है। अगर परिवार का सदस्य किसी अन्य जगह शिफ्ट हो गया है, तो उसका नाम हटाकर नई जगह जोड़ा जा सकता है। इसके अलावा आपके वोटर आईडी में फोटो पुरानी या धुंधली हो चुकी है, तो उसे साफ फोटो देकर हटवा सकते है।
SIR प्रक्रिया के तहत बूथ लेवल ऑफिसर घर-घर जाकर मतदाता सूची में दर्ज व्यक्ति के बारे में जांच करते हैं, इनमें पता लगाया जाता है कि दर्ज व्यक्ति अभी वहां रहता है या नहीं। या जिनकी मृत्यु हो चुकी है, उनके नाम मतदाता सूची से हटाए जाते हैं। इनके अलावा नाम, उम्र, खराब क्वालिटी वाली फोटो और एड्रेस की गड़बड़ी को इस अभियान के साथ सुधारा जाता है।






















