बिजनेस : महंगाई की मार झेल रही जनता को सरकार ने जोर का झटका दिया है। दरअसल सरकार ने 15 की आधी रात में पेट्रोल डीजल के दाम में बढ़ोतरी करने का ऐलान किया है, ईंधन के नए दाम लागू कर दिए गए हैं। पाकिस्तान सरकार का ये फैसला आम जनता के लिए किसी झटके से कम नहीं है। बताया जा रहा है कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में बदलाव के बाद ये फैसला लिया गया है। ज्ञात हो इजरायल और ईरान के जारी युद्ध के चलते क्रूड ऑयल के दाम में 12 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई है।
वित्त विभाग की ओर से जारी नोटिफिकेशन के अनुसार पेट्रोल 4.80 और डीजल 7.95 रुपए महंगा हो गया है। ईंधन के दाम में बदलाव के बाद पेट्रोल 258.43 रुपए प्रति लीटर और डीजल 262.59 प्रति लीटर हो गया है। वहीं, जानकारों की माने तो आगामी 15 दिनों के भीतर एक बार फिर जनता को झटका लग सकता है। मना जा रहा है 1 जुलाई से पेट्रोल 1 और डीजल 5 रुपए तक महंगा हो सकता है। ज्यादातर परिवहन क्षेत्र एचएसडी पर चलता है।
इसकी कीमत को मुद्रास्फीतिकारी माना जाता है, क्योंकि इसका उपयोग ज़्यादातर भारी परिवहन वाहनों, ट्रेनों और कृषि इंजनों जैसे कि ट्रक, बस, ट्रैक्टर, ट्यूबवेल और थ्रेसर में किया जाता है, और विशेष रूप से सब्जियों और अन्य खाद्य पदार्थों की कीमतों में इज़ाफ़ा करता है। डीज़ल की कम दरों के बावजूद परिवहन किराया शायद ही कभी कम होता है। बता दें कि सरकार वर्तमान में पेट्रोल और डीज़ल दोनों पर लगभग 94 रुपए प्रति लीटर वसूल रही है।
हालांकि सभी पेट्रोलियम उत्पादों पर सामान्य बिक्री कर (जीएसटी) शून्य है, फिर भी सरकार डीज़ल पर 77.01 रुपए प्रति लीटर पीडीएल और पेट्रोल और उच्च-ऑक्टेन उत्पादों पर 78.02 रुपए प्रति लीटर वसूल रही है। सरकार पेट्रोल और एचएसडी पर लगभग 16 रुपए प्रति लीटर सीमा शुल्क भी वसूलती है, चाहे वे स्थानीय रूप से उत्पादित हों या आयातित। इसके अतिरिक्त, तेल कंपनियों और उनके डीलरों को लगभग 17 रुपए प्रति लीटर वितरण और बिक्री मार्जिन आवंटित किया जा रहा है।






















