रायपुर : छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में लगातार बढ़ रही लूट, छीना-झपटी और चाकूबाजी की घटनाओं के बीच सोमवार सुबह हुई एक वारदात ने कानून व्यवस्था पर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। भाजपा के वरिष्ठ नेता और पूर्व विधानसभा अध्यक्ष धरमलाल कौशिक दिनदहाड़े मोबाइल लूट की घटना का शिकार हो गए। खास बात यह है कि यह घटना ऐसे समय हुई, जब प्रदेश के गृह मंत्री विजय शर्मा राजधानी में कानून व्यवस्था को लेकर समीक्षा बैठकें कर रहे हैं।
बावजूद इसके राजधानी में शातिर अपराधियों में पुलिस का खौफ नजर नहीं आ रहा है। जानकारी के मुताबिक सोमवार सुबह करीब सवा आठ बजे धरमलाल कौशिक मॉर्निंग वॉक के लिए निकले थे। इसी दौरान एक बाइक सवार बदमाश उनके पास पहुंचा और उनके हाथ में रखा मोबाइल फोन छीनकर मौके से फरार हो गया। घटना के समय कौशिक अकेले थे। अचानक हुई इस वारदात से इलाके में हड़कंप मच गया। घटना के तुरंत बाद उन्होंने पुलिस को इसकी सूचना दी।
मामले की जानकारी मिलते ही पुलिस विभाग में भी हलचल तेज हो गई और वरिष्ठ अधिकारी जांच में जुट गए। दिनदहाड़े हुए मोबाइल लूट की इस वारदात के बाद अब पुलिस घटना स्थल और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाल रही है। आरोपियों की पहचान और गिरफ्तारी के लिए अलग-अलग टीमें लगाई गई हैं। हालांकि खबर लिखे जाने तक पुलिस को कोई बड़ी सफलता हाथ नहीं लग सकी है।
कानून व्यवस्था पर फिर उठे सवाल
राजधानी रायपुर में लगातार हो रही मोबाइल स्नैचिंग, लूट और चाकूबाजी की घटनाओं ने पुलिस व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। आम लोगों के साथ-साथ अब जनप्रतिनिधि भी अपराधियों के निशाने पर आने लगे हैं। ऐसे में शहर की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर लोगों में चिंता बढ़ती जा रही है। बताया जा रहा है कि बीते एक सप्ताह के भीतर रायपुर में लूट, मोबाइल स्नैचिंग और चाकूबाजी की करीब आठ बड़ी घटनाएं सामने आ चुकी हैं।
दो दिन पहले पंडरी इलाके में दिनदहाड़े एक युवक को ब्लेड मारकर उसका मोबाइल लूट लिया गया था। लगातार बढ़ते अपराधों ने राजधानी की कानून व्यवस्था पर विपक्ष को भी सरकार को घेरने का मौका दे दिया है। वहीं खरोरा क्षेत्र में हुई करीब 80 लाख रुपये की लूट के आरोपी अब तक पुलिस की गिरफ्त से बाहर हैं। लगातार बढ़ती आपराधिक घटनाओं को लेकर नागरिकों में भी चिंता बढ़ती जा रही है।











































