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CG : विश्वविद्यालय की वेबसाइट फिर बनी पाकिस्तानी हैकर्स का निशाना, तीसरी बार हैकिंग से मचा हड़कंप साइबर सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल

दुर्ग : छत्तीसगढ़ का प्रतिष्ठित हेमचंद यादव दुर्ग विश्वविद्यालय एक बार फिर साइबर हमले की चपेट में आ गया है। बीते दिनों पाकिस्तानी हैकर्स ने विश्वविद्यालय की आधिकारिक वेबसाइट को हैक कर लिया। हैकर्स ने न केवल प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ अभद्र टिप्पणियां पोस्ट कीं, बल्कि वेबसाइट पर ‘पाकिस्तान जिंदाबाद’ के नारे भी लिख डाले।

यह स्थिति छात्रों और शिक्षकों दोनों के लिए बेहद चिंताजनक रही क्योंकि वेबसाइट कई घंटों तक काम नहीं कर रही थी। सबसे बड़ी बात यह है कि पिछले तीन महीनों में यह तीसरी बार है जब दुर्ग विश्वविद्यालय की वेबसाइट हैक की गई है। लगातार हो रहे इन हमलों ने विश्वविद्यालय की साइबर सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

छात्रों को हुई भारी परेशानी

वेबसाइट के डाउन रहने से छात्रों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। कई विद्यार्थी परीक्षा, रिजल्ट और प्रवेश से जुड़ी जानकारी के लिए वेबसाइट पर निर्भर रहते हैं। लेकिन हैकिंग के कारण घंटों तक उन्हें आवश्यक जानकारी नहीं मिल पाई। छात्र संगठनों ने इस घटना को गंभीर लापरवाही बताते हुए नाराजगी जताई।

विश्वविद्यालय प्रबंधन का बयान

विश्वविद्यालय प्रबंधन ने इस घटना की पुष्टि करते हुए बताया कि जैसे ही मामले की जानकारी मिली, तत्काल वेबसाइट को बहाल करने की प्रक्रिया शुरू की गई। इस संबंध में विश्वविद्यालय के उपकुल सचिव भूपेंद्र कुलदीप ने कहा:

“जैसे ही हमारे संज्ञान में यह मामला आया, हमने तुरंत वेबसाइट को ठीक कर लिया है। हमने इस घटना की जानकारी पुलिस और इंटेलिजेंस ब्यूरो को दे दी है। भविष्य में ऐसी घटनाएं दोबारा न हों, इसके लिए हम पूरी सावधानी बरतेंगे।”

कुलदीप ने आगे यह भी स्पष्ट किया कि फिलहाल वेबसाइट पर कोई तकनीकी समस्या नहीं है और सभी सेवाएं सामान्य रूप से जारी हैं।

साइबर सुरक्षा पर उठे सवाल

विशेषज्ञों का मानना है कि विश्वविद्यालय जैसी संस्थाओं की वेबसाइटें छात्रों के लिए बेहद महत्वपूर्ण होती हैं, ऐसे में उनकी सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जानी चाहिए। लगातार तीसरी बार हैकिंग की घटना इस ओर इशारा करती है कि अब तक पर्याप्त सुरक्षा इंतजाम नहीं किए गए। शिक्षाविदों का कहना है कि विश्वविद्यालय को जल्द से जल्द साइबर सुरक्षा के मजबूत तंत्र की स्थापना करनी चाहिए।

पुलिस और एजेंसियों की जांच

विश्वविद्यालय प्रबंधन ने मामले की जानकारी पुलिस और इंटेलिजेंस ब्यूरो को दे दी है। अब सुरक्षा एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि हमले के पीछे कौन-सी हैकिंग ग्रुप सक्रिय है और किन तकनीकों का इस्तेमाल किया गया। माना जा रहा है कि इस तरह की घटनाओं का मकसद भारत की शैक्षिक और प्रशासनिक संस्थाओं को बदनाम करना है।

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